संवाददाता,,,सगीर अंसारी
मुंबई: सांताक्रूज पुलिस ने शनिवार को 20 साल पहले दर्ज एक हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि 31मार्च 2003 को दिल्ली के एक कपड़ा व्यापारी दीपक राठौड़ (23) और उनके दोस्त रूपेश राय उर्फ अतुल केडिया (42) ने विले रेलवे स्टेशन के सामने होटल नेस्ट में चेक इन किया था दोनों कपड़ा खरीदने के लिए मुंबई आए थे रात में उनके बीच बहस हुई जिसके बाद राय ने कथित तौर पर होटल के कमरे में मिले चाकू से राठौड़ पर कई वार किए और लाश को एक चादर से ढक दिया
पीड़ित का 1,30,000 रुपये नकद से भरा बैग लेकर फरार हो गया। सुबह करीब 10 बजे जब हाउसकीपिंग अटेंडेंट दिनकर शेट्टी ने कमरे पर दस्तक दी तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मास्टर चाभी से कमरा खोला और राठौड़ को बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा पाया।
पुलिस के पास एकमात्र सुराग यह था कि संदिग्ध बिहार के मुजफ्फरनगर का रहने वाला था। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने 12 बार मुजफ्फरनगर गई लेकिन खाली हाथ लौट आई। इसके बाद पुलिस ने मामले को बंद करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी।
सहायक पुलिस निरीक्षक तुषार सावंत और सांताक्रूज पुलिस की अपराध जांच इकाई को हाल ही में वांछित आरोपियों के बारे में अपने सूत्रों से गोपनीय जानकारी मिली। टीम ने मुजफ्फरनगर जाकर गोपनीय पूछताछ की जिसके बाद पता चला कि संदिग्ध ठाणे के मजीवाड़ा में एक मिठाई की दुकान में काम करता है
जिसके बाद पुलिस ने उसको हिरासत मे किया और उससे पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की बात कबूल कर ली।
पुलिस ने आरोपी को अदालत मे पेश किया जहा उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पिछले 20 वर्षों के दौरान वह अलग-अलग राज्यों में नाम बदल बदल कर रहकर छोटे-मोटे काम करता रहा। संयुक्त पुलिस आयुक्त चौधरी और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिम क्षेत्र) परमजीत सिंह दहिया ने उत्कृष्ट खोज के लिए सावंत और उनकी टीम को सम्मानित किया।
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