मुंबई: एक बिल्डर और उसके छह बाउंसरों ने कथित तौर पर कुछ नागरिक विवाद के कारण एक किरायेदार पर हमला किया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया इस मामले में बुधवार को तिलक नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जिन्हे आज पुलिस न्यायलय में पेश करेंगी।
हैरानी की बात यह है कि यह घटना चेंबूर में तिलक नगर पुलिस के सामने एक बैंक में हुई। पुलिस को अपराध स्थल पर पहुंचने में 26 मिनट लगे आएसा शिकायतकर्ता का दावा है।
दिलचस्प बात यह है कि अरिहंत बिल्डर के मालिक हेमेंद्र महापारा वही बिल्डर जिन्हें 2019 में तिलक नगर में सरगम सोसाइटी की इमारत में आग लगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था उस घटना में पांच लोग मारे गए थे। 2021 में जेल से रिहा हुए महापारा पर कई अवैध कामों का आरोप लगाया गया था, जिसमें बिना कब्जा प्रमाण पत्र और फायर ब्रिगेड एनओसी , 15 वीं मंजिल के शरण क्षेत्र को बेचना, मुख्य द्वार के पास खुली पार्किंग को बेचना, इस प्रकार दमकल वाहनों के प्रवेश को रोकना शामिल था।
शिकायतकर्ता वर्मा अपने परिवार के सदस्यों के साथ कृपा एलीट में अपने नए पुनर्विकास फ्लैट जो कि तिलक नगर पुलिस के सामने पूजा करने के लिए गए थे तो उन्हें बिल्डर द्वारा रोका गया था।
अरिहंत डेवलपर्स ने उक्त भवन का पुनर्विकास किया। हालांकि पुलिस ने कहा कि बिल्डर के साथ वर्मा के फ्लैट को लेकर कुछ कथित विवाद है। बिल्डिंग में ओसी नहीं है जबकि वर्मा का दावा है कि उन्होंने पूरा भुगतान कर दिया है लेकिन बिल्डर वर्मा से 1.25 करोड़ रुपये और मांग रहा है और इसी को लेकर उनके बीच विवाद हो गया है।
एक अधिकारी ने कहा बुधवार को जब वर्मा और उनके रिश्तेदार फ्लैट में दाखिल हुए तो बिल्डर के छह से सात बाउंसरों ने वर्मा को रोक लिया और उनके परिवार के सदस्यों पर लाठी और धारदार हथियारों से हमला किया।
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