संवाददाता ,,मोहम्मद यासिर
आजमगढ़,,,सरायमीर रमजान माह सवाब लूटने का महीना है आगे बढ़कर लूट लो। मौलाना उमर असलम इस्लाही ने कहा कि रमजान माह का रोज़ा भूखे प्यासे रहना नहीं बल्कि पूरे शरीर का रोज़ा रखना चाहिए जिससे जिन्दगी में तक्वा पैदा हो।रोजा का मतलब खान-पान के साथ आंख, कान, जुबान यहां तक कि शरीर के हर अंग का रोज़ा रख कर तक्वा पैदा करें। यह ना की दिन में खान-पान को त्याग कर रोज़ा रखें और दिल में बुरे ख्याल पैदा करें कि रोज़ा बाद यह ग़लत काम कर लेंगे। तो दिन में भूखे प्तासे रहने का कोई मतलब नहीं निकलेगा
ईश्वर को आपको भूखा-प्यासा रखने का कोई मकसद नहीं है। ईश्वर नियत को देखता है। वर्ष के बारह महीने अच्छा व नेक इंसान बनकर रहना चाहिए।बारह महीने में से रमजान माह नेकी करने व सवाब हासिल करने का महीना है इस महीने में एक नेकी दसगुना सवाब मिलता है। रमजान मुबारक सदाबहार का महीना है इस महीने में आगे बढ़कर नेकी कर सवाब लूट लो। फिर मालूम नही यह मुबारक महीना मिलेगा की नहीं। बहुत से लोग जो पूर्व रमजान मुबारक महीना में हम लोगों के साथ रहकर रोज़ा रखे और नेक काम किया था जो आज इस रमजान मुबारक के महीने में हम लोगों के बीच नहीं हैं ईश्वर के प्यारे हो गए। ईश्वर उनको जन्नत में जगह दे। और हम सभी को रमजान मुबारक महीना का रोज़ा रखने, नमाज पढ़ने, समझ कर कुरआन पाक पढ़ और नेक कार्य करने की हिदायत दे
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