एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर 14 लाख की ठगी, देवनार पुलिस ने किया मामला दर्ज

संवाददाता,,सगीर अंसारी

मुंबई : गोवंडी में एक महिला को अपनी बेटी और दूसरी की पढ़ाई करने वाले इन दोनों को केईएम अस्पताल में एमबीबीएस में दाखिला दिलाने की बात कहकर इस महिला से 14 लाख रुपये की ठगी होने का मामला सामने आया  है. महिला की शिकायत के बाद देवनार पुलिस ने प्रकाश कदम नाम के व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

रुखसाना (बदला हुआ नाम) दो बच्चों के साथ गोवंडी में रहती हैं। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है और वह डॉक्टर है। रुखसाना  चाहती थीं कि उनकी दूसरी बेटी डॉक्टर बने साथ ही विवाहिता बेटी का पति यानी रुखसाना का दामाद भी डॉक्टर बनना चाहता था। बेटी और दामाद ने मेडिकल की पढ़ाई के लिये आगे एमबीबीएस के लिए कहीं दाखिला नहीं मिल सका। कई जगह कोशिश करने के बाद भी दाखिला नहीं मिला तो उन्होंने उत्तराखंड के हरिद्वार आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले लिया।

रुखसाना के घर पास में ही रहने वाला एक रिश्तेदार इन के घर में आया हुआ था. उसी समय उन्हें पता चला कि उनकी पुत्री और दामाद ने एक आयुर्वेदिक कॉलेज में प्रवेश लिया है। उन्होंने बताया कि प्रकाश कदम नाम का व्यक्ति घाटकोपर में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के लिए पैसे ले रहा है . रुखसाना ने प्रकाश कदम से मिलने के लिए कहा उससे कहा तदनुसार रिश्तेदार कदम को लेकर रुखसाना के पास गया।इस के आने के समय उनकी बेटी और दामाद मौजूद थे। कदम ने कहा कि एक के लिए 15 लाख रुपये खर्च होंगे। लेकिन रुखसाना ने कहा कि इतना पैसा इकट्ठा करना असंभव है क्योंकि उनके पति जीवित नहीं हैं. कहा गया कि बेटी को छह लाख और दामाद को 15 लाख रुपये कुल 21 लाख तीन चरणों में देने होंगे।

रुखसाना ने अपने सोने के गहने बेच दिए क्योंकि लड़की डॉक्टर बनना चाहती थी। इससे मिली रकम दूसरों से उधार से छह लाख रुपए लिए  जबकि उसके दामाद ने आठ लाख दिए जिसके बाद शिकायतकर्ता महिला ने 14 लाख रुपए उसको दिए।

उसने अपनी बेटी और दामाद को प्रवेश के कुछ दस्तावेज दिखाए। कई दिनों तक भुगतान करने के बाद रुखसाना ने कदम से संपर्क किया। उस समय उन्होंने केईएम अस्पताल में भर्ती डॉक्टर से मिलने के लिए फोन किया। रुखसाना अपनी बेटी और दामाद को केईएम अस्पताल ले गई। लेकिन प्रकाश नहीं मिला । दो-तीन बार आएसा होने पर रुखसाना को शक हुआ और उस ने प्रकाश से भुगतान की गई राशि वापस करने के लिए कहा। लेकिन प्रकाश उनको गोलमोल जवाब देना शुरू कर दिया। कुछ दिन बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया। ठगी का पता चलते ही उसने देवनार थाने में शिकायत दर्ज करायी.

प्रकाश कदम सबको बताता था कि वह राजावाड़ी अस्पताल का पीआरओ है । इसलिए वह अपनी बातचीत में कई लोगों को जानने का नाटक करता था। कई लोगों ने उनकी बातों पर आसानी से विश्वास भी करे थे

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