स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, तीन अस्पतालों पर जड़ा तालाबिलरियागंज में अपंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ छापेमारी, दो मरीजों को सरकारी अस्पताल भेजा गया



संवाददाता सलीम शेख 

आजमगढ़। जनपद में बिना पंजीकरण अस्पताल संचालित करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर बिलरियागंज क्षेत्र में चलाए गए जांच अभियान के दौरान तीन निजी चिकित्सकीय प्रतिष्ठान अपंजीकृत पाए गए। टीम ने तीनों प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। कार्रवाई से क्षेत्र में निजी अस्पताल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम में डिप्टी सीएमओ एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल तथा पटल सहायक धीरेन्द्र शुक्ल शामिल रहे। अभियान के दौरान बिलरियागंज थाने की पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद रही और आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
सपना पॉलीक्लिनिक में मिले दो मरीज, सरकारी अस्पताल भेजे गए
जांच के दौरान बिलरियागंज स्थित सपना पॉलीक्लिनिक अपंजीकृत पाया गया। मौके पर दो मरीज भर्ती मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों और उनके परिजनों को समझाकर उनकी सहमति से समुचित उपचार के लिए सरकारी चिकित्सालय भेजा। इसके बाद पॉलीक्लिनिक की ओपीडी और चार बेड को सील कर दिया गया।
बंद मिला देवांश हॉस्पिटल, फिर भी हुई सीलिंग की कार्रवाई
इसी क्रम में देवांश हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया तो प्रतिष्ठान बंद मिला। हालांकि, स्थानीय लोगों से पूछताछ में वहां अस्पताल संचालित होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे सील करने की कार्रवाई की गई।
श्याम नर्सिंग होम में मिला डिलीवरी रूम और तीन बेड का एनआईसीयू
परशुरामपुर स्थित श्याम नर्सिंग होम के निरीक्षण में भी पंजीकरण संबंधी अनियमितता सामने आई। मौके पर कोई मरीज भर्ती नहीं था, लेकिन वहां डिलीवरी रूम और तीन बेड का एनआईसीयू वार्ड पाया गया। टीम ने अस्पताल की ओपीडी, डिलीवरी रूम और एनआईसीयू वार्ड को सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने पूरी कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों की स्थिति और की गई कार्रवाई के फोटो तथा वीडियो साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किए।
सीएमओ ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने स्पष्ट किया कि जनपद में बिना वैध पंजीकरण या निर्धारित नियमों के विपरीत संचालित निजी चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर निजी अस्पतालों के पंजीकरण और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन का मुद्दा प्रमुखता से सामने ला दिया है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शिकायत मिलने पर जांच होगी और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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