कैनसैट व रॉकेट्री की तकनीक से रूबरू हुए विद्यार्थी बरपार के जागृति उद्यम केंद्र में आयोजित हुई केनसेट एवं रॉकेट्री कार्यशाला- छात्रों ने समझी अंतरिक्ष विज्ञान और रोबोट की तकनीक




देवरिया। विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें रॉकेट तकनीक व कैनसैट के कार्य सिद्धांतों से परिचित कराने के उद्देश्य से शनिवार को बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वांचल के बरगद सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें रॉकेट प्रक्षेपण, पैराशूट खुलने और उपकरणों के सुरक्षित नीचे उतरने की प्रक्रिया समझाई गई। कार्यशाला के अंत में मिनी मॉडल रॉकेट का प्रक्षेपण भी किया गया। 
केआइपीएम गोरखपुर टीम लीडर सिद्धांश पांडेय ने कैनसैट एवं रॉकेट्री की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि रॉकेट प्रक्षेपण और उससे जुड़े उपकरणों की कार्यप्रणाली को समझना अंतरिक्ष विज्ञान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों को केनसैट और रॉकेट्री प्रतियोगिताओं से जुड़ी जानकारी भी दी। गुआवाबॉट स्टार्टअप की मुख्य कार्यकारी अधिकारी राशि गुप्ता ने रोबोटिक्स तकनीक और उसके भविष्य के बारे में बताया। कार्यशाला के दौरान अंतरिक्ष में रॉकेट प्रक्षेपित होने, पैराशूट खुलने और उपकरणों के नीचे आने की प्रक्रिया से जुड़े वीडियो दिखाए गए। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिली। स्टार्टअप के सदस्य धीरज ने भी इस विषय पर जानकारी साझा की।
जागृति के असिस्टेंट प्रोग्राम मैनेजर अनुराग तिवारी ने कहा कि जागृति का उद्देश्य विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट तकनीक और कैनसैट के कार्य सिद्धांतों से परिचित कराना है। छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और तकनीकी नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यशाला से विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीखने के साथ अंतरिक्ष विज्ञान और रॉकेट्री के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। जागृति उद्यम मित्र अभिनव त्रिपाठी और कल्याण ने लघु मॉडल रॉकेट का प्रक्षेपण किया। इस दौरान सनबीम स्कूल के शिक्षक विंध्येश्वर, नाथ त्रिपाठी,  अनामिका पांडेय, मनीष गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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