आजमगढ़। जनपद में अवैध और अपंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा के निर्देश पर ठेकमा क्षेत्र स्थित जनता हॉस्पिटल को वैध पंजीकरण उपलब्ध न होने और चिकित्सक की अर्हता संबंधी आवश्यक मानकों की पुष्टि नहीं होने पर सील कर दिया गया। वहीं, जांच में अनियमितताएं मिलने पर तीन अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में संचालित निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिप्टी सीएमओ एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ठेकमा क्षेत्र स्थित जनता हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल का वैध पंजीकरण उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके अलावा, वहां उपलब्ध चिकित्सक की वैधता और चिकित्सकीय अर्हता के संबंध में भी आवश्यक मानकों की पुष्टि नहीं हो सकी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में नियमानुसार कार्रवाई की। इस दौरान अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी और मुख्य प्रवेश द्वार को सील कर दिया गया।
इसी अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने आकाश चाइल्ड केयर, जीवली, आरएम हेल्थ केयर, जीवली तथा रॉयल चिकित्सालय, ठेकमा को भी नोटिस जारी किया है। जांच के दौरान आकाश चाइल्ड केयर और आरएम हेल्थ केयर अपंजीकृत पाए गए।
वहीं, रॉयल चिकित्सालय का पंजीकरण आयुष चिकित्सा पद्धति में होने के बावजूद परिसर में एलोपैथिक दवाएं मिलने और एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के लिए आवश्यक पंजीकरण उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। विभाग ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस प्राप्त होने की तिथि से तीन दिन के भीतर आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने तथा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक अनुपालन नहीं किए जाने पर संबंधित चिकित्सा प्रतिष्ठानों को सील करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि जनपद में बिना वैध पंजीकरण अस्पतालों का संचालन, निर्धारित मानकों का उल्लंघन और पंजीकृत चिकित्सा पद्धति से बाहर जाकर सेवाएं देना गंभीर मामला है। ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने के साथ ही औचक जांच भी कराई जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के संचालकों से पंजीकरण संबंधी शर्तों, वैधानिक प्रावधानों और निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Post a Comment