आजमगढ़ में खतौनी घोटाले का आरोप! एक लाख लेकर जमीन के कागजों में खेल संविदा कर्मचारी समेत दो पर FIRन्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई, महिला की जमीन पर दूसरे का नाम चढ़ाने का आरोप





आजमगढ़। जमीन की खतौनी में कथित हेराफेरी कर दूसरे का नाम दर्ज कराने का मामला सामने आने से तहसील सदर में हड़कंप मच गया है। जमीन के राजस्व अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ और एक लाख रुपये लेकर नाम दर्ज करने के आरोप में तहसील सदर के संविदा कर्मचारी समेत दो लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। महिला की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जमीन खरीदी, बैनामा कराया, फिर खतौनी में कैसे चढ़ा दूसरे का नाम

मामला ग्राम सुरसी स्थित गाटा संख्या 213 की 42 कड़ी जमीन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विमला देवी पत्नी सुनील यादव का आरोप है कि उन्होंने 13 अक्टूबर 2015 को रामबिलास पुत्र दरबारी निवासी सुरसी से उक्त जमीन का बैनामा कराया था। बैनामे के बाद जमीन का नामांतरण भी हो गया और महिला ने उस पर भवन बनाकर रहना शुरू कर दिया।
आरोप है कि सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन बाद में खतौनी की जांच करने पर महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके मुताबिक, उनकी जमीन के राजस्व अभिलेख में अभय यादव पुत्र सुदर्शन यादव निवासी देवईत, थाना मेहनगर का नाम दर्ज कर दिया गया था, जबकि उन्होंने अपनी जमीन का कोई हिस्सा अभय यादव को बेचने से इनकार किया है।

एक लाख रुपये लेकर नाम चढ़ाने का आरोप

मामले में तहसील सदर में कंप्यूटर बाबू के पद पर तैनात संविदा कर्मचारी विवेक पाठक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवेक पाठक ने कथित रूप से एक लाख रुपये लेकर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के अभय यादव का नाम खतौनी में दर्ज कर दिया।
महिला ने इसे सरकारी अभिलेखों में कथित हेराफेरी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने से जुड़ा मामला बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि विवेचना के बाद ही हो सकेगी।

IGRS से लेकर जिलाधिकारी तक शिकायत, 

विमला देवी के अनुसार, उन्होंने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से भी की थी। आईजीआरएस संख्या 40019125042040 के माध्यम से 13 अक्टूबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में दावा किया गया है कि क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार सदर स्तर से जांच की गई तथा 11 नवंबर 2025 की रिपोर्ट में अभय यादव का नाम खतौनी में फर्जी तरीके से दर्ज होने का उल्लेख किया गया।
महिला का आरोप है कि थाना कोतवाली और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की।

अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने संविदा कर्मचारी विवेक पाठक और अभय यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच की जा रही है।
अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि खतौनी में नाम किस आधार पर दर्ज किया गया, कथित धनराशि के लेनदेन में कितनी सच्चाई है और राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी के पीछे किनकी भूमिका रही है।

मीडिया रिपोर्ट: एम.एस. जाबिर  

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