संवाददाता जाबिर शेख
आजमगढ़। मार्टिनगंज क्षेत्र के महमूदपुर में उपचार के दौरान महिला की मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित निजी क्लिनिक को सील कर दिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि अनधिकृत रूप से चिकित्सा कार्य करने वालों और कथित झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ समय रहते लगातार कार्रवाई होती, तो शायद ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती थी।
जानकारी के अनुसार महमूदपुर निवासी शकुंतला बुखार से पीड़ित थीं और उपचार के लिए स्थानीय निजी क्लिनिक गई थीं। समाचार के अनुसार उपचार के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें जौनपुर ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु होने की सूचना है। घटना के बाद परिजनों द्वारा संबंधित क्लिनिक पर विरोध जताए जाने की भी जानकारी सामने आई।
मामला स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में आने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. मोहनलाल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी के निर्देश पर अधीक्षक मार्टिनगंज टीम के साथ मौके पर पहुंचे और संबंधित क्लिनिक को सील कर दिया।
अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिष्ठान के पंजीकरण, संचालक की चिकित्सकीय योग्यता, उपचार संबंधी अभिलेख और अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समय रहते कार्रवाई होती तो शायद न उजड़ता परिवार
महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से यह सवाल भी उठ रहा है कि जिले में बिना वैध पंजीकरण अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत चिकित्सा कार्य करने वाले लोगों की निगरानी और कार्रवाई कितनी प्रभावी है। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच हो और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों की जान जोखिम में न पड़े।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने कहा कि जनपद में अनधिकृत रूप से चिकित्सा कार्य करने वालों तथा बिना वैध पंजीकरण या निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण में जांच के बाद उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Post a Comment