शाहजहांपुर - स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ कार्यों की उपयोगिता पर अब सवाल उठने लगे हैं। शहर में लगाए गए कई सार्वजनिक यूरिनल ऐसे स्थानों पर बने हैं, जहां आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं या आम लोगों की पहुंच बेहद मुश्किल है। ऐसे में इन सुविधाओं का उद्देश्य अधूरा नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधा के लिए लगाए गए टॉयलेट यदि ऐसी जगह बना दिए जाएं जहां कोई पहुंच ही न सके, तो उन पर खर्च की गई सरकारी धनराशि का औचित्य समझ से परे है। कई स्थानों पर यूरिनल के चारों ओर कूड़ा जमा होने से लोग उनका उपयोग करने से भी बचते हैं।शहर वासियों का कहना है कि यदि इन यूरिनलों का निर्माण बाजारों, प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर किया जाता तो आमजन को वास्तविक सुविधा मिलती। इसके बजाय अनुपयुक्त स्थानों पर निर्माण होने से योजना की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर यूरिनलों को उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग सुनिश्चित हो सके।
शाहजहांपुर से अजय सिंह की रिपोर्ट
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