संवाददाता जाबिर शेख
आजमगढ़। जिले के तरवां क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित अस्पताल और क्लिनिक संचालकों में हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय लोगों की शिकायतों के बाद मुख्य चिकित्सा प्रभारी डॉ. देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न स्थानों पर संचालित चिकित्सा संस्थानों की जांच की। कार्रवाई की भनक लगते ही कई संचालक अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर मौके से फरार हो गए।
जांच के दौरान बेल्हाड़ीह बाजार स्थित लाइफ केयर क्लिनिक स्वास्थ्य विभाग की टीम के निशाने पर आया। मुख्य चिकित्सा प्रभारी डॉ. देवेंद्र सिंह द्वारा की गई जांच में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। टीम के अनुसार मौके पर न तो निर्धारित मानक के अनुरूप चिकित्सक और न ही फार्मासिस्ट से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
क्लिनिक के संचालक डॉ. डीएन गौतम तथा डॉ. पी. भारती से भी आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज मांगे गए, लेकिन जांच टीम के समक्ष अपेक्षित कागजात उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लाइफ केयर क्लिनिक को सील कर बंद कर दिया।
वहीं, कार्रवाई का दायरा यहीं नहीं रुका। परमानपुर बाजार स्थित गौतम क्लिनिक तथा बनगांव में संचालित डॉक्टर बंगाली और डॉक्टर अनिल के क्लिनिक को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नोटिस जारी किया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना मानकों के संचालित हो रहे कथित अवैध चिकित्सा प्रतिष्ठानों के संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि बिना आवश्यक मानकों, चिकित्सकीय दस्तावेजों और निर्धारित संसाधनों के संचालित चिकित्सा संस्थानों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। स्थानीय लोगों ने विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए क्षेत्र में ऐसे अन्य संस्थानों की भी जांच कराने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब सवाल यह है कि क्षेत्र में मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे अन्य क्लिनिकों पर विभाग की अगली गाज कब गिरती है।
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