पुनर्विकास परियोजनाओं में अस्थायी रूप से रहने वाले मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग, विधायक अमीन पटेल ने बीएमसी आयुक्त को लिखा पत्र




मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता एवं विधायक अमीन पटेल ने पुनर्विकास (Redevelopment) के कारण ट्रांजिट कैंप, किराए के मकानों या वैकल्पिक आवासों में रह रहे नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण मांग उठाई है।
28 जुलाई 2026 को लिखे गए पत्र में अमीन पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र, विशेष रूप से मुंबई में बड़ी संख्या में पुरानी और जर्जर इमारतों का पुनर्विकास चल रहा है। इसके चलते हजारों परिवारों को अस्थायी रूप से ट्रांजिट कैंप या किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है। ऐसे नागरिकों का स्थायी पता फिलहाल बदल जाने के कारण उन्हें मतदाता सूची (Electoral Roll) और चुनावी पहचान पत्र (EPIC) में पता अपडेट कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने चिंता व्यक्त की कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान इन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटने का खतरा बना हुआ है, जिससे वास्तविक मतदाता अपने संवैधानिक मतदान अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
अमीन पटेल ने बीएमसी आयुक्त से अनुरोध किया है कि पुनर्विकास के कारण अस्थायी रूप से अन्य स्थानों पर रह रहे मतदाताओं के नाम उनके मूल (ओरिजिनल) पते के आधार पर मतदाता सूची में बनाए रखें, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे।
उन्होंने कहा कि यह कदम हजारों पुनर्विकास प्रभावित नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अस्थायी विस्थापन के कारण कोई भी योग्य मतदाता मतदान से वंचित न हो।
विधायक अमीन पटेल ने उम्मीद जताई कि बीएमसी प्रशासन और संबंधित चुनावी अधिकारी इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेंगे और पुनर्विकास प्रभावित नागरिकों को राहत देने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। 


संवाददाता जावेद शेख।

Post a Comment

Previous Post Next Post