मुंबई: 30 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच मुंबई में मानसून से जुड़े अलग-अलग हादसों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं ने एक बार फिर महानगर की मानसून तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने इन हादसों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्या मुंबई प्रशासन और संबंधित एजेंसियां वास्तव में मानसून जैसी आपदा से निपटने के लिए तैयार थीं?
उन्होंने कहा कि लगातार हो रही मौतें यह दर्शाती हैं कि शहर में पेड़ों की सुरक्षा जांच, खुले मैनहोल की निगरानी, जर्जर इमारतों की पहचान और आपदा प्रबंधन की तैयारियों में गंभीर खामियां हैं।
6 दिनों में हुई प्रमुख घटनाएं:
30 जून: चेंबूर में पेड़ गिरने से 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की मौत।
2 जुलाईः खुले मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय असलम शेख की जान गई।
4 जुलाई: गोरेगांव पूर्व की आरे कॉलोनी में पेड़ गिरने से 18 वर्षीय युवक की मौत।5 जुलाई: कुर्ला (पश्चिम) में दुकान पर पेड़ की भारी शाखा गिरने से 63 वर्षीय यूनुस कुंदावाला की मौत।
5 जुलाई: मानखुर्द में मकान हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत ।
अमीन पटेल ने कहा कि हर वर्ष मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर की व्यवस्थाएं चरमरा जाती हैं। उन्होंने मांग की कि सभी हादसों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि मुंबईवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और मानसून के दौरान लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
संवाददाता जावेद शेख।
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