महाराष्ट्र के वाशिम जिले से पुलिस हिरासत में मौत के एक चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने वर्ष 2011 में रिसोड पुलिस स्टेशन की हिरासत में बेग्या पवार की मौत के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित 9 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2011 में बेग्या पवार को चोरी के संदेह में पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया था। आरोप था कि पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा की गई मारपीट के कारण उनकी मौत हो गई। इस मामले की लंबे समय तक न्यायालय में सुनवाई चली।
सुनवाई पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने तत्कालीन थाना प्रभारी महादेव माणिक धांडे समेत कुल 9 पुलिसकर्मियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में दो सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं।
अदालत के फैसले के बाद सभी दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। उन्हें आगे अमरावती सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया जाएगा।
इस फैसले को हिरासत में मौत से जुड़े मामलों में न्यायिक जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
संवाददाता एम एस जेए
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