लखनऊ स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतना उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को भारी पड़ गया। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सेवा मानकों के उल्लंघन पर UPPCL पर ₹7.18 लाख का जुर्माना लगा दिया है। आयोग ने पाया कि रिचार्ज के बाद भी कई उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति निर्धारित समय सीमा में बहाल नहीं की गई।
आयोग की जांच में सामने आया कि मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान कई दिनों में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन रिचार्ज के दो घंटे बाद भी नहीं जोड़े गए, जबकि नियमों के अनुसार अधिकतम दो घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करना अनिवार्य है। इस मामले में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की शिकायत पर आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।
आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह की पीठ ने विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 142 और 57 के तहत यह दंड लगाया। आयोग ने UPPCL को 15 दिनों के भीतर जुर्माना जमा करने और लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है।
साथ ही आयोग ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उपभोक्ता सेवाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
यह फैसला स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और बिजली सेवाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
संवाददाता नितिश कुमार
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