गोंडा। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा का दूसरा दिन गुरुवार को जिले के 9 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। परीक्षा के लिए सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों पर त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई थी, जिससे परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाया जा सके।
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। केवल प्रवेश पत्र, फोटो पहचान पत्र, पारदर्शी पानी की बोतल एवं निर्धारित सामग्री के साथ ही अभ्यर्थियों को प्रवेश की अनुमति दी गई। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं पर पूर्ण रोक रही।
जिला प्रशासन की ओर से सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की गई। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए स्टेटिक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए थे। परीक्षा संचालन में 500 से अधिक कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई, जिन्होंने शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित परीक्षा संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशासन की सख्ती के बावजूद अभ्यर्थियों को धार्मिक प्रतीकों जैसे कलावा एवं मंगलसूत्र आदि को हटाने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे परीक्षार्थियों ने राहत महसूस की।
जानकारी के अनुसार, चार दिवसीय परीक्षा प्रक्रिया का समापन आज देर शाम हो गया। जिले में आयोजित परीक्षा में 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई गई। परीक्षार्थी लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती सहित विभिन्न जनपदों से गोंडा पहुंचे थे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि प्रशासन की निगरानी में परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराई गई।
पत्रकार अंकित कुमार शर्मा
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