संवाददाता अमित तिवारी
मुबारकपुर आजमगढ़ पुलिस को वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुबारकपुर थाना पुलिस ने एक ऐसे अंतरजनपदीय ऑटो लिफ्टर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कई जिलों में मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए चोरी की दो मोटरसाइकिल, एक ई-रिक्शा, दो अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
मुबारकपुर थाना क्षेत्र में बीते दिनों लगातार वाहन चोरी की घटनाओं ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी। 15 जून की रात कटरा स्थित प्रिया टेंट हाउस के सामने से एक स्प्लेंडर बाइक चोरी हो गई थी, जबकि 16 जून की रात पिचरी गांव से घर के बाहर खड़ा ई-रिक्शा भी चोर उठा ले गए थे। दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना प्रभारी शशिमौली पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और यक्ष ऐप की मदद से पूरे गिरोह की पहचान कर ली। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बावन बीघा मैदान, इस्लामपुरा में घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अमन कुमार निवासी मुबारकपुर, शहदाब खान निवासी हरदोई (वर्तमान पता राजाजीपुरम, लखनऊ) और साहिल खान निवासी हरदोई (वर्तमान पता राजाजीपुरम, लखनऊ) के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य हैं। गिरोह सुनसान इलाकों में खड़ी मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा चोरी करता था और बाद में उन्हें औने-पौने दामों में बेच देता था। चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए आरोपी दूसरी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे ताकि उन पर किसी को शक न हो।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, चोरी किया गया ई-रिक्शा, चोरी में इस्तेमाल की गई एक अन्य मोटरसाइकिल, दो अवैध .315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस और नगदी बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शहदाब खान पहले भी लखनऊ के पारा थाने से वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। संभावना है कि पूछताछ में कई और वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक थाना प्रभारी शशिमौली पाण्डेय के निर्देशन में किया गया। कार्रवाई को चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा और उपनिरीक्षक विवेक सिंह ने अपनी टीम के साथ अंजाम दिया। टीम में हेड कांस्टेबल भानू पाण्डेय, सुनील सिंह, पुरुषोत्तम सिंह सहित मुकुन्द लाल मिश्र, रामाकान्त कुमार, मुसाहिद रजा, छोटेलाल गौड़, शैलेन्द्र कुमार, नन्दलाल कुशवाहा, हरेन्द्र सिंह, सुजीत यादव, नित्यानन्द सिंह और बृजमोहन शामिल रहे। पुलिस टीम की सतर्कता, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर इस संगठित वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करने में सफलता मिली।
मुबारकपुर पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि आगे भी ऐसे संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
Post a Comment