संस्कृति मंत्रालय ने लिया चोलापुर शहीद स्मारक का संज्ञान, संग्रहालय निर्माण की उम्मीद बढ़ी




वाराणसी। चोलापुर थाना परिसर में वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान शहीद हुए पांच अमर सेनानियों की स्मृतियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने चोलापुर शहीद स्मारक से जुड़े प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताया गया कि चोलापुर में शहीदों की याद में भव्य संग्रहालय निर्माण की मांग को लेकर संस्कृति मंत्रालय को पूर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह के द्वारा विस्तृत पत्र भेजा गया था। मंत्रालय के सी एंड एम अनुभाग ने पत्र संख्या CM-22/26/2026-C&M के तहत प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए आगे की कार्रवाई के लिए इसे संग्रहालय विभाग (म्यूजियम सेक्शन) को अग्रसारित कर दिया है।
यह पहल 17 अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान तिरंगा फहराते समय ब्रिटिश हुकूमत की गोलियों का शिकार हुए राम नरेश उपाध्याय, पंचम राम, श्रीराम उर्फ बच्चू पटेल, चौथी राजभर और निरहू पटेल की शहादत को राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इसे चोलापुर और पूर्वांचल के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में यहां भव्य संग्रहालय, शहीद पथ और राष्ट्रीय ध्वज स्थल विकसित किया जाएगा, जिससे स्वतंत्रता संग्राम के इस गौरवशाली अध्याय को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

ब्यूरो रिपोर्ट ए के सिह परमहंस. 

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