लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाले दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के सम्मान में भावपूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया गया। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिस महानिरीक्षक/अपर निदेशक (उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस) राजीव मल्होत्रा तथा पुलिस अधीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग (सीबीसीआईडी) गिरिजेश कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उत्कृष्ट सेवाकाल के लिए सम्मानित किया।
समारोह में पुलिस महानिदेशक सीआईडी/साइबर क्राइम बी.के. सिंह, यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के निदेशक जी.के. गोस्वामी तथा पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी अखिलेश निगम सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों अधिकारियों के साथ बिताए गए अनुभव साझा किए और उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में राजीव मल्होत्रा ने विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग, स्नेह और मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस सेवा उनके जीवन की सबसे बड़ी पहचान रही है। उन्होंने कहा कि वर्दी भले ही उतर जाए, लेकिन एक पुलिस अधिकारी की भावना जीवनभर उनके साथ रहेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पुलिस महानिदेशक के प्रेरणादायी नेतृत्व की भी सराहना की।
वहीं गिरिजेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस उनके लिए केवल एक विभाग नहीं, बल्कि एक परिवार है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के विश्वास एवं सहयोग ने उन्हें बेहतर इंसान बनाया और पुलिस सेवा उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण अध्याय रही है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने दोनों अधिकारियों के दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाकाल की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने अनुभव, कार्यशैली और व्यक्तित्व से पुलिस संगठन को समृद्ध करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों अधिकारियों का अनुभव आने वाली पीढ़ी के पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
राजीव मल्होत्रा ने वर्ष 1992 में प्रांतीय पुलिस सेवा से अपने करियर की शुरुआत की थी और वर्ष 2015 में भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत हुए। 33 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना पदक, दीर्घ एवं सराहनीय सेवा पदक तथा पुलिस महानिदेशक प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर) सहित कई सम्मान प्राप्त हुए।
गिरिजेश कुमार ने वर्ष 1997 में प्रांतीय पुलिस सेवा में चयनित होकर अपनी सेवाएं शुरू कीं और वर्ष 2022 में भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत हुए। लगभग 28 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने अपनी कार्यकुशलता, सरल स्वभाव और ईमानदार कार्यशैली से अलग पहचान बनाई।
मीडिया रिपोर्ट: ए.के. सिंह
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