महापालिका स्कूलों की जमीन निजी संस्थाओं को देने पर विधायक अमीन पटेल ने उठाए सवाल, जांच की मांग





मुंबई : अमीन पटेल  ने मुंबई महानगरपालिका की स्कूलों के लिए आरक्षित भूखंडों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत निजी संस्थाओं को देने के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने महापालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े  को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग की है।
अमीन पटेल ने अपने पत्र में कहा कि महापालिका स्कूलों के लिए आरक्षित पांच भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई। यह नीति उस समय बनाई गई जब महापालिका सभागृह अस्तित्व में नहीं था, इसलिए इस पर जनप्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा भी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई देती है और इससे महापालिका को लाभ के बजाय नुकसान होने की आशंका है।
उन्होंने आगे कहा कि कई सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाएं पहले से ही महापालिका स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दे रही हैं और छात्रों के दसवीं के परिणाम भी अच्छे आ रहे हैं। ऐसी संस्थाओं के साथ चर्चा कर स्कूलों का संचालन किया जा सकता है, लेकिन स्कूल का नाम और मालिकाना हक मुंबई महानगरपालिका के पास ही रहना चाहिए।
अमीन पटेल ने कहा कि “मूल मुंबईकर” परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराना मुंबई महानगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि PPP नीति के तहत हुए इन भूखंड आवंटनों की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि यह प्रक्रिया किसके आदेश या मिलीभगत से की गई। साथ ही दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाए।

 संवाददाता जावेद शेख।

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