मुंबई:बृहन्मुंबई में आम नागरिकों की समस्याओं को तेजी से सुनने और उनका समाधान करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। माननीय पुलिस कमिश्नर, बृहन्मुंबई के आदेश और माननीय जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (C&C), मुंबई के मार्गदर्शन में हर शनिवार को "शिकायत निवारण दिवस" का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में आज, 18 अप्रैल 2026 को बृहन्मुंबई पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले सभी पुलिस स्टेशनों में विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए शिकायत निवारण दिवस आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन वर्गों को प्राथमिकता देना है, जिन्हें अक्सर अपनी समस्याओं को लेकर अधिक सहायता और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है।
आज के इस आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 970 शिकायतकर्ता इस दिन पुलिस स्टेशनों में पहुंचे। इनमें 352 महिला शिकायतकर्ता और 153 वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नागरिकों का पुलिस प्रशासन पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है और लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए खुलकर आगे आ रहे हैं।
शिकायत निवारण दिवस के दौरान पुलिस स्टेशनों में दर्ज कॉग्निज़ेबल (संज्ञेय) और नॉन-कॉग्निज़ेबल (असंज्ञेय) अपराधों से संबंधित मामलों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के शिकायत आवेदन भी सुने गए। सभी शिकायतकर्ताओं को पुलिस अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से सुना गया और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई की गई।
इस दौरान पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मौजूद रहकर शिकायतों का निपटारा किया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि किसी भी शिकायतकर्ता को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और हर मामले को गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ देखा जाए। विशेष रूप से महिलाओं और सीनियर सिटिज़न्स की शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित समाधान पर जोर दिया गया।
मुंबई पुलिस की यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास और सहयोग को भी बढ़ा रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से आम नागरिकों को यह संदेश जाता है कि पुलिस प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति सजग और उत्तरदायी है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में भी इस तरह के शिकायत निवारण दिवस नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि नागरिकों को उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान मिल सके।
कुल मिलाकर, "शिकायत निवारण दिवस" मुंबई पुलिस की एक सकारात्मक और जनहितकारी पहल के रूप में उभर कर सामने आया है, जो शहर में बेहतर कानून व्यवस्था और नागरिकों की संतुष्टि सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
संवाददाता जावेद शेख।
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