शाहजहाँपुर। शहर की सड़कों पर नियमों को धता बताते ऐसे नज़ारे आम होते जा रहे हैं। तस्वीर में साफ दिख रहा है कि एक ई-रिक्शा पर क्षमता से कई गुना ज्यादा सामान लादा गया है। ऊपर तक गत्तों के भारी बंडल, और नीचे बैठे लोग मानो किसी खतरे से अनजान सफर कर रहे हों। ना सुरक्षा का ध्यान, ना यातायात नियमों की परवाह। ज़रा-सी चूक या ब्रेक लगने पर बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे ओवरलोड वाहन सिर्फ चालक और सवारियों के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी जोखिम बन जाते हैं। सवाल यही है क्या कुछ पैसों की बचत के लिए जिंदगी को दांव पर लगाना सही है?
अजय सिंह की रिपोर्ट शाहजहांपुर
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