सैटलाइट बस अड्डा: लाखों खर्च, फिर भी सन्नाटा




शाहजहांपुर 23 अप्रैल 2026 की शाम 8 बजे न बस, न स्टाफ। करोड़ों की लागत से बना बस अड्डा खाली पड़ा है। गलत स्थान चयन के कारण बसें यहां रुक नहीं रहीं, जबकि बरेली मोड़ जैसा व्यस्त स्थान बेहतर विकल्प था।
स्थानीय विधायक और सरकार पर सवाल उठ रहे हैं कि बिना ज़मीनी जरूरत समझे जनता के पैसे का उपयोग क्यों किया गया। अब यह “विकास” नहीं, बल्कि लापरवाही की तस्वीर बन गया है।

अजय सिंह की  रिपोर्ट शाहजहांपुर

Post a Comment

Previous Post Next Post