अबुआसिम आजमी
आज हमारे क्षेत्र मानखुर्द शिवाजी नगर के दुर्गा सेवा संघ इलाके में रहने वाले आरिफ की नशेड़ियों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह घटना न सिर्फ दुखद है बल्कि पूरे समाज और प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। आरिफ अपने पीछे दो छोटे-छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।
मैंने आरिफ के परिवार से मुलाकात की और इस दुख की घड़ी में उनके दर्द को साझा किया। परिवार की हालत बेहद दयनीय है और पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 3 से 4 बजे के बीच आरिफ के घर के सामने दो युवक संदिग्ध अवस्था में घूम रहे थे। जब देर रात उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाया गया, तो उन्होंने बदतमीजी से जवाब दिया—“क्या ये तुम्हारे बाप की सड़क है?” इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आरोपियों ने धारदार हथियार और तलवारें मंगाईं। परिवार द्वारा आरिफ को घर के अंदर ले जाकर दरवाजा बंद करने की कोशिश की जा रही थी, तभी हमलावरों ने उनके सीने में बेरहमी से तलवार घोंप दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरिफ के घर के पास ही एक होटल है, जहां खुलेआम नशा बेचा और कराया जाता है। यही नशा आज इस हत्या का मुख्य कारण बना।
यह स्पष्ट है कि इस घटना के लिए सिर्फ आरोपी ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में बढ़ता नशे का कारोबार और पुलिस प्रशासन की लापरवाही भी बराबर जिम्मेदार है।
हालांकि अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। आज इसी मुद्दे को लेकर शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में स्थानीय लोगों के साथ धरना दिया गया, जिसमें सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
हमारी मांग है कि Devendra Fadnavis जी इस मामले को गंभीरता से लें और नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाएं। पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि पूरे इलाके में नशे का कारोबार पूरी तरह बंद कराया जाए और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।
साथ ही, क्षेत्र में रात के समय पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। नशा बेचने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जिससे समाज में कानून का डर कायम रहे।
यह सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। अगर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाएंगी।
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