इलाहाबाद सरकार से मांगा जवाब, 24 को अगली सुनवाई प्रयागराज। पवित्र नदियों की मर्यादा, धार्मिक आस्थाओं और पर्यावरणीय संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दे पर न्यायपालिका की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित कर मांसाहारी भोजन करने और अवशेष नदी में फेंकने के आरोपों से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है।
हाईकोर्ट ने मांगा राज्य सरकार से जवाब
न्यायमूर्ति जितेन्द्र कुमार सिन्हा की पीठ ने दानिश और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारी पक्ष से तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान अपर शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर मिश्रा ने राज्य सरकार की ओर से प्रारंभिक पक्ष रखा।
क्या है मामला
पूरा मामला 16 मार्च का बताया जा रहा है, जब वाराणसी में रमजान के दौरान पंचगंगा घाट के पास गंगा नदी में नाव पर कुछ लोगों ने इफ्तार पार्टी आयोजित की। आरोप है कि इस दौरान मांसाहारी भोजन किया गया और बचा हुआ खाना, हड्डियां और अन्य अवशेष नदी में फेंक दिए गए, जिससे गंगा की पवित्रता और स्वच्छता को नुकसान पहुंचा।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और विभिन्न संगठनों व लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया।
एफआईआर और पुलिस कार्रवाई
मामले के सामने आने के बाद कोतवाली थाने में भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर दानिश सैफी, आमिर कैफी, नूर इस्लाम समेत कई आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
जांच में सामने आए गंभीर आरोप
पुलिस जांच और नाव चालक के बयान के आधार पर यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर नाव चालक को धमकाकर गंगा में नाव ले जाने के लिए मजबूर किया था। इसी के चलते पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) भी मामले में जोड़ दी, जिससे आरोप और गंभीर हो गए।
निचली अदालत से जमानत खारिज
आरोपियों ने पहले वाराणसी की निचली अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे 1 अप्रैल को अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार ने खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां अब उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है।
कई आरोपी हाईकोर्ट पहुंचे
दानिश के अलावा आजाद, अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ अहमद और मोहम्मद अनस समेत अन्य आरोपियों ने भी हाईकोर्ट में जमानत याचिकाएं दाखिल की हैं। अब सभी की निगाहें 24 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट ए के सिंह।
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