संवाददाता सलीम शेख
आजमगढ़ जनपद के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के कौड़ियां गांव में उस समय हलचल मच गई, जब मुंबई पुलिस की टीम जांच के सिलसिले में गांव पहुँची। मामला वर्ष 2006 में हुए नाबालिग मो. असअद के अपहरण से जुड़ा है, जिसमें अब करीब 15 साल बाद नया मोड़ सामने आया है।
पीड़ित मंजूर अहमद पुत्र इलियास अंसारी के अनुसार, 19/09/2006 को उनका बेटा मो. असअद (उम्र लगभग 16 वर्ष) और बड़े बेटे डॉ. सरफुद्दीन मुंबई के LTT लोकमान्य तिलक टर्मिनस से पैदल अपने ठिकाने की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनका संपर्क पहले से परिचित अयाज़ उर्फ बालिस्टर शेख से हुआ, जो कथित रूप से बच्चों के अपहरण गिरोह से जुड़ा बताया जाता है और छिपने के लिए जूता-चप्पल बनाने का काम करता था।
बताया गया कि मंजूर अहमद कपड़ा बेचने का काम करते थे, इसी दौरान अयाज़ से उनका संपर्क हुआ था। जमीन खरीदने के बहाने उन्होंने अयाज़ को ₹25,000 नगद दिए थे। बाद में पैसों की जरूरत पड़ने पर जब उन्होंने रकम वापस मांगी, तो अयाज़ ने टालमटोल किया और बच्चों के आने के बाद पैसे देने की बात कही।
घटना के अनुसार, कुर्ला नेहरू नगर पुलिस चौकी के पास अयाज़ ने उन्हें अपने कमरे पर रुकवाया। अगले दिन सुबह जब बच्चे बाहर गए, उसी दौरान छोटे बेटे मो. असअद का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया।
पीड़ित के मुताबिक, स्थानीय थाने पर शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। बाद में CID कार्यालय जाने पर अयाज़ के आपराधिक नेटवर्क की जानकारी सामने आई। लगभग दो साल बाद अधिवक्ता के माध्यम से FIR दर्ज हुई, जिसमें दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
पीड़ित परिवार में बड़े बेटे डॉ. सरफुद्दीन और दूसरे बेटे इमामुद्दीन आजमी (वकील) हैं। घटना के बाद इमामुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की और मामले को आगे बढ़ाया।
अब करीब 15 साल बाद कोर्ट के आदेश पर केस फिर से खुला है। बताया जा रहा है कि न्यायालय ने 15 दिन के भीतर असअद को “जिंदा या मुर्दा” पेश करने का निर्देश दिया है।
इसी क्रम में मुंबई पुलिस ने लापता हुए अशअद स्केच जारी कर विभिन्न थानों में भेजे हैं और जांच के लिए आजमगढ़ पहुंचकर ग्राम प्रधान व परिजनों से पूछताछ की।
इस मामले में नामजद आरोपी:
अयाज़ उर्फ बालिस्टर शेख, मोनू सुहेल अख्तर वारिश, इरशाद अहमद, महेंद्र चंद कांबले, मो. रफीक, मोशीर उर्फ मोबासिर, शौकत अली, जमालुद्दीन, गुफरान खान, मो. आजम खान, रसीद उर्फ राशिद, मो. आबिद, मो. बसीर, असगर अली, इसरार अहमद उर्फ मजनू, इम्तियाज हुसैनी सहित अन्य।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी:
सीनियर इंस्पेक्टर सूर्यवंशी, एन. वी. मरयम देसाई, कुरकुरे व दफ्डे सहित अन्य अधिकारी।
करीब डेढ़ दशक पुराने इस सनसनीखेज अपहरण मामले में एक बार फिर जांच तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या पुलिस असअद का पता लगा पाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकेगा।
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