संवाददाता अजय सिंह
शाहजहांपुर के बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने थाने के एक दरोगा पर बदसलूकी और गाली-गलौज का आरोप लगाया है। कर्मचारी का कहना है कि उसने रात में इलाज कराने आई एक अकेली लड़की की सुरक्षा के लिए पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद दरोगा ने उसके साथ अभद्रता की। इस मामले में चिकित्सा अधिकारी ने पुलिस के रवैये को गलत बताया है, जबकि थाना प्रभारी ने दरोगा पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
यह घटना गुरुवार रात बंडा सीएचसी पर हुई। एक युवती अपना इलाज कराने अकेले आई थी। सीएचसी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने इसकी जानकारी डॉक्टर को दी। महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर ने थाने को सूचना दी, ताकि रात में सुरक्षा के लिए कोई गार्ड या पुलिसकर्मी तैनात किया जा सके। इस सूचना पर एक दरोगा को ड्यूटी के लिए सीएचसी जाना पड़ा, जिससे वह कथित तौर पर आगबबूला हो गए।
सीएचसी पहुंचने के बाद दरोगा ने पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि दरोगा यह मान रहे थे कि अकेली इलाज कराने आई लड़की का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से कोई संपर्क है। कर्मचारी ने बताया कि दरोगा ने उससे और लड़की का पता पूछा, तो दोनों का एक ही पता निकला। इसके बाद दरोगा ने गाली-गलौज की। जब कर्मचारी किसी काम से थाने गया, तो वहां भी उसके साथ अभद्रता की गई और दरोगा ने उसे घर से उठाकर ले जाने की धमकी भी दी।
बंडा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिनव कुमार गौतम ने बताया कि अकेली आई लड़की की सुरक्षा के लिए पुलिस को फोन किया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि बाद में स्टाफ कर्मी के साथ अभद्रता की जानकारी मिली, जिसे उन्होंने 'बिल्कुल गलत' बताया। डॉ. गौतम ने कहा कि इस घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं, बंडा थाना प्रभारी ने दरोगा पर लगे इन सभी आरोपों को निराधार बताया है।
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