राजनीति में भूचाल मंत्री नरहरी जिरवाल का अश्लील वीडियो वायरल विपक्ष ने की बर्खास्तगी की मांग



संवाददाता अमीर शेख 

मुंबई  26 मार्च 2026 महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री नरहरी जिरवाल एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार मामला केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार का नहीं बल्कि नैतिक पतन और ब्लैकमेल' के गंभीर आरोपों का है। सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री से उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
​1. वायरल वीडियो विवाद: 'राजनीतिक साजिश या नैतिक गिरावट?'
​24 मार्च से चर्चा में आया यह वीडियो कथित तौर पर जिरवाल के सरकारी आवास (आमदार निवास) का बताया जा रहा है।
​वीडियो की सामग्री: वीडियो में मंत्री जी को एक ट्रांसजेंडर महिला (पवन यादव) के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है। कमरे में शराब की बोतलें और भोजन भी दिखाई दे रहा है।
​साजिश का दावा: राकांपा (अजित पवार गुट) के नेता अमोल मिटकरी ने जिरवाल का बचाव करते हुए इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो 7 महीने पुराना है जिसे अब जानबूझकर लीक किया गया है। मिटकरी ने सवाल उठाया कि "झारीतील शुक्राचार्य" (छिपा हुआ दुश्मन) कौन है जो एक सीधे-सादे आदिवासी नेता को बदनाम कर रहा है?
​विपक्ष का हमला: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और संजय राउत जैसे नेताओं ने इसे "महाराष्ट्र की संस्कृति पर कलंक" बताया है। विपक्ष का कहना है कि सरकारी आवास का इस तरह दुरुपयोग अक्षम्य है।
​2. रिश्वतखोरी मामला (फरवरी 2026): पीछा नहीं छोड़ रही परछाई
​वीडियो विवाद से ठीक एक महीने पहले, जिरवाल का विभाग (FDA) भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा था:
​ACB की कार्रवाई: फरवरी के मध्य में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंत्रालय में छापा मारकर जिरवाल के कार्यालय के क्लर्क रजू (राजेंद्र) ढेरंगे को ₹35,000 की रिश्वत लेते पकड़ा था।
​PA पर भी गिरी गाज: इस मामले में जिरवाल के निजी सचिव (PS) डॉ. रामदास गाडे का नाम भी सामने आया था, जिसके बाद उन्हें पद से हटाकर मूल विभाग में भेज दिया गया।
​जिरवाल का रुख: उस वक्त जिरवाल ने सफाई दी थी कि वे उस समय दिल्ली में थे और यदि उनका कोई सीधा संबंध साबित हुआ तो वे खुद इस्तीफा दे देंगे।
​3. 'मकोका' की घोषणा और वर्तमान स्थिति
​इतने विवादों के बीच भी जिरवाल ने हाल ही में (23-24 मार्च) विधान परिषद में घोषणा की थी कि राज्य में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ मकोका (MCOCA) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब वायरल वीडियो मामले ने उनके इस कड़े रुख पर विवादों का पर्दा डाल दिया है।
​निष्कर्ष: आगे क्या?
​नरहरी जिरवाल, जो कभी मंत्रालय की तीसरी मंजिल से कूदकर आदिवासी आरक्षण के लिए चर्चा में आए थे, आज अपनी ही 'व्यक्तिगत छवि' को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री (अजित पवार) पर इस समय जिरवाल को कैबिनेट से बाहर करने का भारी दबाव है।



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