मरीन लाइन्स इस्लाम जिमखाना में आयोजित आयतुल्लाह खुमैनी ताज़ियाती जलसे में ईरान के प्रोफेसर डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही हुए शामिल




संवाददाता जावेद शेख।

मुंबई: दक्षिण मुंबई के मरीन लाइन्स स्थित Islam Gymkhana में आयोजित आयतुल्लाह खुमैनी की याद में ताज़ियाती (श्रद्धांजलि) जलसे में ईरान के प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वान और प्रोफेसर डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही विशेष रूप से शामिल हुए। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलमा-ए-कराम, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्मगुरु और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
जलसे की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जिसके बाद वक्ताओं ने आयतुल्लाह खुमैनी की धार्मिक, आध्यात्मिक और वैश्विक नेतृत्व भूमिका को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही, जो भारत में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेतृत्व के प्रतिनिधि भी माने जाते हैं, ने अपने संबोधन में कहा कि आयतुल्लाह खुमैनी की शिक्षाएं केवल ईरान तक सीमित नहीं थीं, बल्कि पूरी दुनिया के मजलूमों और इंसाफ पसंद लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इंसानियत, न्याय और एकता का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था।उन्होंने मुंबई की जनता और यहां के लोगों की धार्मिक सद्भावना तथा मेहमाननवाज़ी की सराहना करते हुए कहा कि भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्ते सदियों पुराने हैं और ऐसे कार्यक्रम इन संबंधों को और मजबूत बनाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वैश्विक शांति, भाईचारे और इंसानी मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया। उपस्थित लोगों ने दुआएं पढ़कर दिवंगत नेता के लिए मग़फिरत की दुआ की और दुनिया में अमन-ओ-अमान की कामना की।
गौरतलब है कि मरीन ड्राइव पर स्थित इस्लाम जिमखाना मुंबई का ऐतिहासिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक केंद्र है, जहां समय-समय पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। 

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