संवाददाता जावेद शेख
मुंबई के भीड़भाड़ वाले इलाकों में शामिल पायधुनी डिवीजन में हाल ही में की गई सख्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र "हॉकर फ्री" नजर आ रहा है। इस बदलाव से स्थानीय नागरिकों में खासा उत्साह देखा गया। लोग खुलकर Zone 2 के डीसीपी डॉ. मोहित कुमार गर्ग, पायधुनी डिवीजन की एसीपी रेणुका बुवा और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विनोद गांवकर की सराहना करते दिखाई दिए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से सड़कों और फुटपाथों पर अवैध कब्जों के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया था। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता नहीं मिल पाता था।
पुलिस प्रशासन द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई के बाद मुख्य सड़कों और गलियों में अब सुगम आवागमन संभव हो सका है। फुटपाथ खाली होने से बुजुर्गों को सहारा लेकर सुरक्षित चलने में आसानी हो रही है। महिलाओं ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि अब बाजार क्षेत्रों में धक्का-मुक्की और भीड़भाड़ कम हो गई है। युवाओं ने भी ट्रैफिक जाम में कमी और सुव्यवस्थित माहौल को सकारात्मक कदम बताया।
नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की यह पहल केवल यातायात सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। व्यापारियों और स्थानीय रहवासियों ने उम्मीद जताई कि आगे भी इसी तरह नियमित निगरानी रखी जाएगी ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो।पायधुनी डिवीजन में इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि यदि प्रशासन और पुलिस इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें, तो शहर की पुरानी समस्याओं का समाधान संभव है। फिलहाल क्षेत्र की जनता, विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और युवा, इस बदलाव से काफी संतुष्ट और खुश नजर आ रहे हैं।
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