संवाददाता हाफ़िज़ नियामत
मछलीशहर जौनपुर : रमज़ान का चांद निकलते ही उसी रात से तरावीह (विशेष नमाज़) शुरू होती है। अल्लाह की मुकद्दस किताब कुरआन शरीफ रमज़ान में नाज़िल हुई थी। ईशा की नमाज़ के बाद 20 रकआत तरावीह की नमाज़ अदा होती है। आज 9 रमज़ान दसवी तरावीह थाना वाली मस्जिद मे तरावीह की नमाज में कुरआन-ए-पाक मुकम्मल हाफ़िज़ अहमद नवाज़ पुत्र अब्दुल अलीम निवासी काज़ियाना तालिब ए इल्म मदरसा अरबिया जामीउल उलूम ने किया । इसी क्रम में मौलाना इस्माईल क़ासमी ने बयान करते हुए फरमाया कि वह लोग खुशनसीब हैं जिनको तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने के लिए मिला। यह सदका हमारे नबी का है जिसकी वजह से अल्लाह का कलाम हमको नसीब होता है। अल्लाह ने कुरआन नाजिल किया है वही इसकी हिफाजत करेंगे।
उन्होंने कहा कि तरावीह अभी खत्म नहीं हुई है। तरावीह में कलाम पाक सुनना अलग सुन्नत है और पूरे माह तरावीह सुनना अलग सुन्नत है। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए और अल्लाह की इबादत करनी चाहिए बयान के बाद मुल्क में अमन शांति के दुवा की गई। इसी क्रम में तरावीह मुकम्मल होने पर तारिक इक़बाल और हिदायत हाशमी ने मिठाई तकसीम किया और हाफ़िज़ साहब को नज़राना भी पेश किया ।इस मौके पर तारिक़ इक़बाल खान, हिदायत अली हाश्मी ,बादशाह हाश्मी ,नौशाद अंसारी ,बाबू अंसारी,अक़ील शेरू, हाफ़िज़ मोहम्मद, हाजी मुफीद, नदीम खान,फैयाज़ भुल्लू ,साबिर राइन,फ़िरोज़ खान,अख्तर इक़बाल,खलील कुरैशी,जमील सलमानी, शहज़ादे शाह, मेराज कुरैशी,महफूज़ राइन, रौशन शेख, शहंशाह शाह,शान राइन,चुन्ना राइन, सैफ अंसारी, अशरफ सिद्दीकी, आरिफ हाश्मी, आदिल करीमी आदि लोग उपस्थित रहे।
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