राज पुरोहित के निधन से मुंबई ने खोया अनुभवी जननेता अतुल शाह

मुंबई। पूर्व कैबिनेट मंत्री कै. राज पुरोहित के निधन से एक अनुभवी, अध्ययनशील और जनसेवा के लिए समर्पित नेतृत्व का अंत हो गया है। उनके जाने से न केवल भारतीय जनता पार्टी, बल्कि मुंबई की सामाजिक-राजनीतिक संरचना में भी एक गहरा शून्य पैदा हुआ है। यह भावुक श्रद्धांजलि महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता, पूर्व विधायक एवं नगरसेवक अतुल शाह ने व्यक्त की।

अतुल शाह ने कहा कि पिछले 45 वर्षों तक वे राज पुरोहित के साथ सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। वर्ष 1999 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय दक्षिण मुंबई से वे स्वयं, राज पुरोहित और मंगलप्रभात लोढ़ा विधायक चुने गए थे, जबकि स्वर्गीय जयवंतीबेन मेहता उसी दौर में सांसद बनी थीं। यह दौर दक्षिण मुंबई की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी रहा।

उन्होंने बताया कि राज पुरोहित के साथ उन्होंने रामलीला सेवा समिति और ब्रिज मंडल कृष्णलीला जैसी अनेक धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं में समर्पित भाव से कार्य किया। राज पुरोहित की भाड़ेकरू संघटना के माध्यम से पगड़ी बिल्डिंगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए गए, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिली।

अतुल शाह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि गृहनिर्माण मंत्री रहते हुए राज पुरोहित ने म्हाडा में 33/7 का ऐतिहासिक प्रावधान लागू करवाया। इस फैसले ने मुंबई की जर्जर और पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का मार्ग प्रशस्त किया और लाखों मुंबईकरों को सुरक्षित आवास और बेहतर जीवन की उम्मीद दी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 के अधिवेशन से शुरू हुआ उनका सहप्रवास देश-विदेश की अनेक यात्राओं तक चला। भले ही आज यह यात्रा उनके निधन के साथ थम गई हो, लेकिन राज पुरोहित के विचार, कार्य और स्मृतियां सदैव प्रेरणा देती रहेंगी।

अतुल शाह ने भावुक शब्दों में कहा कि राज पुरोहित के निधन से उन्होंने अपना एक घनिष्ठ सहयोगी खो दिया है और मुंबई ने एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा। संवाददाता जावेद शेख।

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