सीखो के आराध्य सद्गुरु राम सिंह का प्रकाश पर्व बुधवार को राम की नगरी में धूमधाम के साथ मनाया गया।


                      संवाददात प्रभाकर यादव 
अयोध्या नामधारी सीखो के आराध्य सद्गुरु राम सिंह का प्रकाश पर्व बुधवार को राम की नगरी में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर हजारों की संख्या में नामधारी सिखों ने शोभा यात्रा निकालकर भगवान श्री राम लाल के दर्शन पूजन के लिए संगत कीर्तन के साथ निकले। बता दें कि सद्गुरु राम सिंह जी के वंशज वर्तमान नामधारी मुखी सद्गुरु दिलीप सिंह के आदेश के अनुसार यह संपूर्ण कार्यक्रम राम की नगरी अयोध्या स्थित हनुमान गुफा में संपन्न हुआ। नामधारी सत्संग सेवा समिति के प्रेस सचिव तजिंदर सिंह ने बताया कि सद्गुरु राम सिंह जी ने 1857 की बैसाखी पर खालसा पंथ की पुनर्स्थापना करके सतगुरु गोविंद सिंह जी की शिक्षा देकर देश तथा धर्म की रक्षा की भावना को दृण करवाया। गुरुजी ने 1857 के गदर से पहले नामधारी सिख संप्रदाय कूका आंदोलन की नींव भी रखी थी। उन्होंने यह भी बताया कि गुरु जी ने सर्वप्रथम अंग्रेजी वस्तुओं का बहिष्कार किया, जिसके 50 साल बाद गांधी जी ने नकल की। सद्गुरु राम सिंह जी ने अंग्रेजी सरकार के समांतर अपनी सरकार बनाई। नेपाल और कश्मीर में कुका रेजीमेंट बना कर अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध की तैयारी की। अंग्रेजों को भारत से निकालने के लिए रूस के साथ संबंध स्थापित किए। गुरु जी की प्रेरणा से हजारों नामधारी सिक्खो ने देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। इसी क्रम में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर राम की नगरी अयोध्या में विशाल शोभायात्रा निकालकर अपने आराध्य गुरु राम सिंह जी का प्रभाव पर्व मनाया। सद्गुरु राम सिंह को भगवान रामचंद्र जी का अवतार मानते हैं, इसीलिए यह प्रकाश पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर सतगुरु राम सिंह जी की शोभा यात्रा में संगत कीर्तन का भी आयोजन किया गय। इस मौके पर सूबा अमित सिंह, सूबा रतन सिंह, मुख्तियार सिंह, जसवीर सिंह, रतन दीप सिंह, सुखराज सिंह, सिमरन जीत कौर, राजपाल कौर, शिखा सोनी, अंजलि जायसवाल, बलविंदर कौर, दलजीत कौर, परमजीत कौर, नीना कौर के अलावा बड़ी संख्या में नामधारी सिख समुदाय के लोग मौजूद रहे।

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