मुंबई पुलिस की सहायक आयुक्त (एसीपी) ज्योत्स्ना रासम को उनके उत्कृष्ट जांच कार्यों के लिए प्रतिष्ठित केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार गृह मंत्रालय द्वारा विशेष अभियानों, जांच, खुफिया और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मियों को दिया जाता है।
एसीपी ज्योत्स्ना रासम वर्तमान में मुंबई पुलिस के पैधोनी डिवीजन में तैनात हैं। उन्हें वर्ष 2024 के लिए इस पदक के लिए चुना गया। महाराष्ट्र पुलिस से कुल 11 अधिकारियों को इस सम्मान के लिए नामित किया गया था, जिनमें उनका नाम भी शामिल है।
साकीनाका बलात्कार कांड में महत्वपूर्ण भूमिका।
एसीपी रासम की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि 2021 के साकीनाका बलात्कार कांड की जांच रही। खैरानी रोड पर एक 32 वर्षीय महिला के साथ हुए क्रूर यौन उत्पीड़न के इस मामले में पीड़िता राजवाड़ी अस्पताल में इलाज के दौरान चल बसी थीं। एसीपी रासम ने इस संवेदनशील मामले की गहन जांच की, आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया। अदालत ने आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस सफल जांच ने न केवल पीड़िता को न्याय दिलाया, बल्कि समाज में कानून व्यवस्था के प्रति विश्ास भी मजबूत किया।
कौन हैं ज्योत्स्ना रासम?
ज्योत्स्ना रासम मुंबई के बांद्रा स्थित गांधीनगर इलाके की रहने वाली हैं। उन्होंने न्यू इंग्लिश स्कूल और चेतना कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। पुलिस सेवा में लंबे समय से सक्रिय रहने वाली एसीपी रासम अपनी मेहनत, समर्पण और जटिल मामलों को सुलझाने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक की घोषणा हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार पुलिस बलों में पेशेवर दक्षता, उच्च मानकों और मनोबल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
एसीपी ज्योत्स्ना रासम को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना है, बल्कि महिला पुलिस अधिकारियों की क्षमता और समर्पण का भी प्रतीक है। मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस परिवार ने उनके इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। संवाददाता जावेद शेख।
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