लालगंज (आजमगढ़)। नगर पंचायत लालगंज में पिछले दो दिनों से सड़कों पर पड़े कूड़े का उठान नहीं होने से नगरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। फिलहाल बारिश न होने से स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मानसून सक्रिय हुआ तो नालियां कूड़े से पट सकती हैं, जिससे जलजमाव के साथ डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले तक नगर की सफाई व्यवस्था संतोषजनक थी, लेकिन अब उसमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी की लापरवाही के कारण छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी नागरिकों को कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नगरवासियों का यह भी आरोप है कि अधिशासी अधिकारी न तो नगर पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से बैठते हैं और न ही लालगंज में निवास करते हैं। उनके पास अतरौलिया नगर पंचायत का अतिरिक्त प्रभार भी है। आरोप है कि वे लालगंज में होने की बात कहकर अतरौलिया के लोगों को और अतरौलिया में होने की बात कहकर लालगंज के लोगों को गुमराह करते हैं, जबकि अधिकांश समय लखनऊ में रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भी इस स्थिति पर अब तक गंभीर ध्यान नहीं दिया है।
कूड़ा न उठने के संबंध में अधिशासी अधिकारी से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि डम्पिंग ग्राउंड में पानी भर जाने के कारण वहां कूड़ा डालने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वैकल्पिक व्यवस्था कर कूड़ा उठान की समस्या का समाधान किया जाएगा।
हालांकि नगरवासियों का कहना है कि अभी क्षेत्र में उल्लेखनीय वर्षा नहीं हुई है, ऐसे में डम्पिंग ग्राउंड में पानी भरने का तर्क समझ से परे है। लोगों ने जिलाधिकारी एवं निदेशक, स्थानीय निकाय से मांग की है कि बरसात से पहले नगर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए तथा अधिशासी अधिकारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो बरसात के दौरान पूरे नगर में जलजमाव और संक्रामक बीमारियों का खतरा गंभीर रूप ले सकता है।
संवाददाता: अंजनी राय
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