लालगंज को नई एसडीएम से नई उम्मीदें, क्या अब अवैध अस्पतालों और झोलाछापों पर चलेगा प्रशासन का बुलडोज़र



संवाददाता जाबिर शेख 

आजमगढ़ लालगंज तहसील को नई उपजिलाधिकारी के रूप में 2020 बैच की पीसीएस अधिकारी नेहा मिश्रा मिल गई हैं। शनिवार को उन्होंने विधिवत कार्यभार ग्रहण करते हुए स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान, राजस्व मामलों का निष्पक्ष निस्तारण, सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना तथा पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
नवागत एसडीएम के आगमन के साथ ही क्षेत्र की जनता में एक नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से तहसील क्षेत्र में कथित रूप से संचालित अवैध नर्सिंग होम, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी लैब और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समाधान दिवस सहित विभिन्न अवसरों पर प्रशासन को कई प्रार्थना-पत्र दिए गए, लेकिन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में निराशा बनी रही।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में लापरवाही सीधे लोगों के जीवन से जुड़ा विषय है। इसलिए यदि बिना वैधानिक अनुमति के कोई संस्था या व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाएं संचालित कर रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि शिकायतें निराधार हों, तो उन्हें भी स्पष्ट रूप से खारिज किया जाना चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
लालगंज की जनता अब नवागत एसडीएम से उम्मीद कर रही है कि लंबित शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा और कानून के दायरे में रहते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लोगों का मानना है कि यदि जनशिकायतों का पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान होता है, तो शासन और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि नवागत उपजिलाधिकारी अपने घोषित संकल्पों को धरातल पर किस तरह उतारती हैं और क्या लालगंज की वर्षों पुरानी जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान हो पाता है।

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