संवाददाता जाबिर शेख
आजमगढ़ ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सठियांव क्षेत्र के हरेया मोड़, अबाड़ी स्थित बिना पंजीकरण संचालित 'आर्य नंदिनी नर्सिंग होम' को सील कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा के निर्देश पर हुई कार्रवाई में नर्सिंग होम में भर्ती तीन महिला मरीजों को सुरक्षित एम्बुलेंस से जिला महिला चिकित्सालय भेजा गया। वहीं, अस्पताल संचालक और उपचार से जुड़े जिम्मेदार लोग कार्रवाई की भनक लगते ही मरीजों को छोड़कर फरार हो गए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के नोडल अधिकारी डॉ. अलेंद्र कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। जांच में नर्सिंग होम का कोई वैध पंजीकरण नहीं मिला। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मऊ जनपद की रहने वाली समदुलारी को 14 जुलाई को भर्ती किया गया था और अगले दिन ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में तीन अन्य महिलाएं भर्ती मिलीं, जिनमें एक ऑपरेशन के बाद और दो प्रसव संबंधी उपचार के लिए भर्ती थीं। मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी को जिला महिला चिकित्सालय स्थानांतरित किया गया। ऑपरेशन वाली महिला के उपचार की जिम्मेदारी डॉ. विनय को सौंपी गई।
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि अस्पताल के संचालक और अन्य जिम्मेदार लोग मरीजों को छोड़कर फरार हो गए। मामले में संबंधित थाने में लिखित तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराने और अन्य कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लीनिक संचालित कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पूरे जनपद में अवैध चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने आमजन से अपील की कि किसी भी निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में इलाज कराने से पहले उसका पंजीकरण और चिकित्सकों की योग्यता अवश्य जांच लें तथा किसी भी अवैध चिकित्सा गतिविधि की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
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