मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता एवं विधायक अमीन पटेल ने जन्म प्रमाणपत्र (Birth Certificate) में मामूली सुधार और डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र जारी होने में हो रही देरी को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
अमीन पटेल ने अपने पत्र में कहा कि बड़ी संख्या में नागरिकों को डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त करने तथा नाम, पिता के नाम, वर्तनी (स्पेलिंग) और अन्य छोटी-छोटी त्रुटियों को ठीक कराने में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके कारण लोगों को बार-बार संबंधित बीएमसी वार्ड कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से उन छात्रों की समस्या को उठाया है, जिन्हें भारत और विदेश के स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए संशोधित जन्म प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। प्रमाणपत्र में सुधार में हो रही देरी के कारण कई छात्रों के प्रवेश की अंतिम तिथि छूटने का खतरा पैदा हो गया है।
अमीन पटेल ने पत्र में उल्लेख किया कि इस मुद्दे पर हाल ही में डीएमसी (ज़ोन-1), संबंधित वार्डों के सहायक आयुक्तों, मेडिकल हेल्थ ऑफिसर्स और जनप्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक भी हुई थी। बैठक में यह माना गया कि समस्या के समाधान के लिए उच्च स्तर पर निर्णय आवश्यक है। इससे पहले भी उन्होंने 24 जुलाई 2026 को बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर संयुक्त बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया था।
विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जब तक जन्म प्रमाणपत्रों में सुधार और डिजिटल प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाती, तब तक छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में अस्थायी राहत (Temporary Relief) दी जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन छात्रों ने आवेदन कर दिया है, उन्हें सुधार प्रक्रिया पूरी होने तक प्रवेश के लिए अस्थायी रूप से स्वीकार किया जाए, ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।
अमीन पटेल ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए सरकार को इस पर तत्काल संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
संवाददाता जावेद शेख।
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