गोंडा के मनकापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर चार महीने पहले बनी सुरक्षा दीवार सोमवार सुबह पहली तेज बारिश में ढह गई। करीब आठ लाख रुपये की लागत से निर्मित इस दीवार के गिरने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह सुरक्षा दीवार पिछले वर्ष बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके पुनर्निर्माण का ठेका रेलवे प्रशासन ने श्रीराम कंस्ट्रक्शन को दिया था। लगभग आठ लाख रुपये की लागत से तैयार हुई यह दीवार पहली ही तेज बारिश का सामना नहीं कर सकी और नींव समेत धराशायी हो गई।
कार्य के निरीक्षण अधिकारी (आईओ) रणधीर मौर्य ने बताया कि निर्माण कार्य का ठेका श्रीराम कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर के.पी. वर्मा को दिया गया था। उन्होंने कहा कि ठेकेदार का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यदि जांच में निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, ठेकेदार के.पी. वर्मा ने निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है। उनका कहना है कि दीवार का निर्माण निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुसार किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि दीवार के पास प्लेटफॉर्म पर केबल बिछाने का कार्य किसी अन्य एजेंसी को दिया गया था। उस एजेंसी द्वारा नींव के समीप की गई खुदाई में बारिश का पानी भर गया, जिससे नींव कमजोर हो गई और दीवार गिर गई। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्य का भुगतान अभी तक लंबित है।
अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि दीवार का गिरना निर्माण में लापरवाही का परिणाम था या दूसरी एजेंसी द्वारा की गई खुदाई के कारण नींव कमजोर होने से यह हादसा हुआ। जांच के बाद यह भी तय होगा कि कार्रवाई निर्माण करने वाले ठेकेदार पर होगी या फिर कार्य की निगरानी करने वाले रेलवे के निरीक्षण अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रहारी मुम्बई न्यूज यूपी
पत्रकार अंकित कुमार शर्मा
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