लखनऊ अग्निकांड के बाद आजमगढ़ में सुरक्षा जांच की मांग, छात्र संघ अध्यक्ष ने डीएम को सौंपा पत्र




आजमगढ़। लखनऊ में हाल ही में एक कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद आजमगढ़ जिले में भी शिक्षण एवं स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष अमर बहादुर यादव ने जिलाधिकारी आजमगढ़ को ज्ञापन सौंपकर जिले के सभी कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, विद्यालयों एवं डिजिटल लाइब्रेरियों की व्यापक सुरक्षा एवं गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है।
जिलाधिकारी को संबोधित पत्र में अमर बहादुर यादव ने कहा कि लखनऊ की घटना ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। आजमगढ़ में भी बड़ी संख्या में निजी कोचिंग सेंटर, अस्पताल, अनधिकृत विद्यालय और डिजिटल लाइब्रेरियां संचालित हो रही हैं, जिनमें से कई संकरी गलियों, बेसमेंट अथवा बिना पर्याप्त वेंटिलेशन वाली इमारतों में चल रही हैं। ऐसे संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि जिले के सभी संबंधित संस्थानों में फायर एनओसी, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता तथा आपातकालीन निकास व्यवस्था की अनिवार्य जांच कराई जाए। साथ ही बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरियों और क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने वाले कोचिंग संस्थानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने राजस्व, शिक्षा एवं अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर पूरे जिले में औचक निरीक्षण अभियान चलाने तथा मानक विहीन पाए जाने वाले संस्थानों को सील कर संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की है।
अमर बहादुर यादव ने कहा कि बच्चों और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन जनहित और छात्र सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र प्रभावी कदम उठाएगा।
इस अवसर पर विवेक राय, आशुतोष चौबे, वर्षम प्रताप सिंह, अंशुल आनंद एवं विशाल सिंह भी उपस्थित रहे। ज्ञापन की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है।

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