फूलपुर में बिना डॉक्टर चल रहे अवैध डायग्नोस्टिक सेंटरों पर प्रशासन की नजर जांच में स्टाफ गायब मिलने से मचा हड़कंप



संवाददाता जाबिर शेख 

आजमगढ़ फूलपुर तहसील क्षेत्र में संचालित डायग्नोस्टिक और पैथालॉजी सेंटरों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है तहसील मुख्यालय स्थित थाना परिसर के समीप संचालित जनता डायग्नोस्टिक व पैथालॉजी सेंटर पर प्रशासनिक टीम द्वारा की गई आकस्मिक जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं निरीक्षण के दौरान न कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद मिला, न रेडियोलॉजिस्ट और न ही कोई प्रशिक्षित टेक्नीशियन मौके पर उपस्थित पाया गया केंद्र पर केवल एक महिला कर्मचारी मौजूद मिली, जो मरीजों की संख्या और जांच संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दे सकी।
सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में कई डायग्नोस्टिक और पैथालॉजी सेंटर विशेषज्ञ चिकित्सकों के बिना केवल टेक्नीशियनों के भरोसे संचालित किए जा रहे हैं इसे लेकर लंबे समय से शिकायतें भी प्रशासन तक पहुंच रही थीं जिलाधिकारी आजमगढ़ के निर्देश पर कुछ दिन पूर्व एसीएमओ द्वारा जनता सोनोग्राफी सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था, उस समय भी डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ अनुपस्थित पाए गए थे।
इसी क्रम में शुक्रवार दोपहर करीब 1:45 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर के चिकित्साधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार के साथ प्रशासनिक टीम सीधे जनता सोनोग्राफी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। निरीक्षण के दौरान न कोई मरीज मौजूद मिला और न ही कोई जिम्मेदार चिकित्सकीय कर्मचारी मौके पर उपस्थित था।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों को उपजिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि संबंधित संचालक एवं डॉक्टर को तत्काल सूचना देकर सभी आवश्यक अभिलेखों सहित अपराह्न 3:30 बजे तहसील मुख्यालय स्थित कार्यालय में उपस्थित होकर दस्तावेज प्रस्तुत करें।
लगातार हो रहे निरीक्षणों में डॉक्टरों और संचालकों के गायब मिलने से स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि सेंटर संचालकों को जांच की सूचना पहले ही मिल जाती है, जिससे कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की

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