मुंबई:मुंबई पुलिस के ज़ोन-2 में तैनात डीसीपी डॉ. मोहित कुमार गर्ग अपनी ईमानदार, सख्त और नॉन-करप्ट छवि के चलते लगातार सुर्खियों में हैं। उनके नेतृत्व में ज़ोन-2 में अपराध और खासकर ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई देखने को मिल रही है।
डॉ. गर्ग ने पदभार संभालने के बाद से ही साफ संदेश दे दिया कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी। इसी के चलते उनकी टीम ने कई स्पेशल ऑपरेशन चलाकर ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क पर सीधा वार किया है। इन कार्रवाइयों में कई शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, डीसीपी गर्ग ने केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित रहने के बजाय पूरे सिंडिकेट को तोड़ने की रणनीति अपनाई है। आधुनिक तकनीक, मुखबिर तंत्र और सटीक प्लानिंग के जरिए उनकी टीम ड्रग्स माफिया की जड़ों तक पहुंच रही है।
ज़ोन-2 में उनके कार्यकाल के दौरान अपराध दर में गिरावट देखी जा रही है। अवैध गतिविधियों, विशेष रूप से नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं।
डॉ. मोहित कुमार गर्ग की सबसे बड़ी पहचान उनकी पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्यशैली है। वे किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना सख्ती से कानून लागू करते हैं। यही कारण है कि आम जनता में उनके प्रति भरोसा बढ़ा है, जबकि अपराधियों में डर का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी उनके काम की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि उनकी सक्रियता से इलाके में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और युवाओं को नशे से बचाने में मदद मिल रही है।
मीडिया से बातचीत में डीसीपी गर्ग ने स्पष्ट कहा कि, “ड्रग्स और अपराध के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
ज़ोन-2 में डीसीपी डॉ. मोहित कुमार गर्ग की अगुवाई में चल रही सख्त कार्रवाई यह साबित कर रही है कि यदि नेतृत्व मजबूत और ईमानदार हो, तो अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। आने वाले समय में उनकी यह मुहिम और तेज होने की उम्मीद है, जिससे मुंबई को सुरक्षित और नशा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकेगा।
संवाददाता जावेद शेख।
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