अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट पूरे मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों से हज़ारों लोगों को निकाल रहा है. अपने लेटेस्ट ट्रुथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “यह चुपचाप, लेकिन बिना किसी रुकावट के किया जा रहा है”, और सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो की “बहुत अच्छा काम करने” के लिए तारीफ की! स्टेट डिपार्टमेंट ने कल कहा कि 20,000 अमेरिकी घर लौट आए हैं और वह चार्टर्ड फ़्लाइट्स बढ़ा रहा है, लेकिन ज़्यादा जानकारी नहीं दी. मंगलवार को मिडिल ईस्ट के एक दर्जन से ज़्यादा देशों से अमेरिकियों को निकालने की अपील करने के बाद ट्रंप प्रशासन की आलोचना हो रही है.
ड्रोन हमले में भारतीय की मौत
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से प्रभावित मुंबई के कांदिवली के एक परिवार की दुखद कहानी सामने आई है. ओमान के मस्कट के पास ड्रोन हमले में 32 साल के दीक्षित अमृतलाल सोलंकी की मौत हो गई. दीक्षित जहाज पर क्रू मेंबर के तौर पर काम कर रहा था.
खाड़ी देश से नासिक सुरक्षित लौटे दो परिवार के 10 लोग
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पैदा हुए युद्ध जैसे हालात का असर भारतीयों पर पड़ा है. खाड़ी देशों में फंसे नासिक जिले के कुल 392 नागरिक अभी भी घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं. खाड़ी देशों में नासिक जिले के कुल 402 नागरिक फंसे हुए थे. इनमें से 320 नागरिक अकेले मालेगांव से हैं और बाकी शहर और आस-पास के इलाकों से हैं. इनमें से डिंडोरी और नासिक तालुका के दो परिवारों के दस लोग गुरुवार को सुरक्षित नासिक लौट आए, यह जानकारी जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने दी है.
अमेरिका ने तेहरान के एक एलिमेंट्री स्कूल को निशाना बनाया
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने अमेरिका पर तेहरान के एक और स्कूल को निशाना बनाने का आरोप लगाया. एक्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यूनाइटेड स्टेट्स एडमिनिस्ट्रेशन ईरान के लोगों की कैसे मदद कर रहा है... यह तेहरान के निलौफर स्क्वायर में एक और एलिमेंट्री स्कूल, शाहिद हमदानी स्कूल है, जिसे अमेरिकी/इजराइली हमलावरों ने निशाना बनाया है. बाकेई ने एक स्कूल का वीडियो शेयर किया जिसमें हमलों से पहले और बाद का नज़ारा दिखाया गया है.
इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के सिडोन शहर पर हमला किया
सरकारी मीडिया ने बताया कि इजराइल ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान के शहर सिडोन की एक मुख्य सड़क पर बिना किसी पहले से चेतावनी के एक इमारत पर हमला किया. एएफपी के एक फोटोग्राफ़र ने बताया कि हमले में बेघर लोगों के लिए बने दो शेल्टर के पास एक ऑफिस बिल्डिंग की दसवीं मंजिल को निशाना बनाया गया. एएफपी के मुताबिक, बचाव दल ने कम से कम एक शव निकाला और इंसानी अवशेष इकट्ठा कर रहे है।
*अमेरिका ने ईरान के ड्रोन कैरियर पर किया हमला*
अमेरिकी सेना ने एक ईरानी जहाज पर हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई. अमेरिकी सेना ने जहाज को 'ड्रोन कैरियर' बताया. यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक्स पोस्ट में कहा, "अमेरिकी सेना पूरी ईरानी नेवी को डुबोने के मिशन से पीछे नहीं हट रही है. आज, एक ईरानी ड्रोन कैरियर, जो लगभग WWII के एयरक्राफ्ट कैरियर के साइज का है, पर हमला हुआ और अब उसमें आग लगी हुई है.
CENTCOM ने पोस्ट में यह साफ नहीं किया कि हमला कहां किया गया था. CENTCOM द्वारा पोस्ट किए गए हमले के एक वीडियो में दिखाया गया है कि अमेरिका द्वारा टक्कर मारे जाने के बाद कथित ईरानी जहाज में आग लग गई और घने धुएं में घिर गया.
कुवैत में धमाकों की खबर
कतारी न्यूज चैनल अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत में जोरदार धमाकों की खबर है. एयर रेड सायरन बजने के साथ जोरदार धमाकों की आवाजें भी सुनी गई हैं. वहीं, ईरान की राजधानी तेहरान में लड़ाकू विमानों और धमाकों की आवाजें सुनी गईं.
हमने अभी लड़ना शुरू किया है: अमेरिकी रक्षा सचिव
ईरान के खिलाफ जंग पर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि हमारे मिशन के उद्देश्य के लिए हमारी प्रतिबद्धता और भी बढ़ती है क्योंकि हमारे फायदे बढ़ते रहते हैं... हमारे रक्षात्मक और हमलावर हथियारों का स्टॉक हमें इस अभियान को तब तक जारी रखने में मदद करता है जब तक हमें जरूरत हो... हमने अभी लड़ना शुरू किया है और मजबूती से लड़ना शुरू किया है।
*पश्चिम बंगाल :*
*ममता बनर्जी का मतदाता सूची से वोटरों के नाम मनमाने ढंग से हटाने के खिलाफ धरना*
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR) के बाद वोटर लिस्ट से कथित तौर पर मनमाने ढंग से मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ शुक्रवार को धरना शुरू किया.कोलकाता में एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन के निकट धरना प्रारंभ करते हुए बनर्जी ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने बंगाली मतदाताओं को वोट देने से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए उसको बेनकाब करने की बात दोहराई.
टीएमसी सुप्रीमों बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं बंगाली वोटरों को मताधिकार से वंचित करने के भाजपा-निर्वाचन आयोग के षड्यंत्र का पर्दाफाश करूंगी.’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संशोधित मतदाता सूची में कई वोटरों को गलत तरीके से मृत के रूप में दिखाया गया.
सीएम बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं उन वोटरों को इस धरना स्थल पर पेश करूंगी, जिन्हें निर्वाचन आयोग ने मृत घोषित कर दिया है,’’ उन्होंने ने मध्य कोलकाता में अपराह्न दो बजकर 15 मिनट पर अपना धरना शुरू किया.
बता दें कि धरने दिए जाने की घोषणा टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को ही कर दी थी. अभिषेक ने निर्वाचन आयोग पर राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करने का आरोप लगाया था, जिसकी वजह से विधानसभा चुनावों से महीनों पहले लाखों वैध वोटरों को मताधिकार से वंचित किया जा सकता है.टीएमसी द्वारा यह विरोध प्रदर्शन निर्वाचन आयोग के द्वारा एसआईआर के बाद की वोटरलिस्ट को प्रकाशित करने के कुछ ही दिनों बाद किया जा रहा है, जिसने राज्य के मतदाताओं की संख्या को काफी बदल दिया है.
राज्य में 28 फरवरी को जारी किए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से वोटरों की संख्या का करीब 8.3 प्रतिशत यानी 63.66 लाख नाम हटा दिए गए हैं, जिससे वोटर आधार लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ा अधिक रह गया है.
इसके अलावा 60.06 लाख से अधिक वोटरों को न्यायिक जांच के अधीन श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से उनकी पात्रता तय की जाएगी. यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जो निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर चुनावी समीकरणों को परिवर्तित कर सकती है।
*असम में वायु सेना का Su-30 MKI फाइटर जेट क्रैश, दोनों पायलटों की मौत*
तेजपुर/ नई दिल्ली : असम के कार्बी आंगलोंग जिले में गुरुवार रात भारतीय वायु सेना (IAF) का एक Su-30 MKI फाइटर जेट क्रैश हो गया. वायु सेना ने शुक्रवार को बताया कि फाइटर जेट के क्रैश होने से उसमें सवार दो पायलट मारे गए.
वायु सेना ने कहा कि फाइटर एयरक्राफ्ट एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था और गुरुवार शाम को असम के जोरहाट एयर बेस से उड़ान भरी थी और एयर बेस से करीब 60 किलोमीटर दूर क्रैश हो गया.
वायुसेना ने पुष्टि की कि क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गाकर को जानलेवा चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई.
एक्स पोस्ट में, वायुसेना ने मारे गए अधिकारियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और कहा कि सभी कर्मचारी इस मुश्किल समय में दुखी परिवारों के साथ हैं. वायु सेना ने इस मुश्किल समय में दुखी परिवारों को पूरी मदद का भरोसा भी दिया.
इससे पहले, वायु सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा था कि Su-30 MKI, जो एक ट्रेनिंग मिशन पर था, जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग में क्रैश हो गया. बयान में कहा गया कि सर्च ऑपरेशन चल रहा है.
अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि लड़ाकू विमान जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद गायब हो गया. उन्होंने कहा था कि एयरक्राफ्ट से शाम 7:42 बजे संपर्क टूट गया था.
गुरुवार रात गुवाहाटी में डिफेंस पीआरओ ने कहा कि एयरफोर्स की टीम तथ्यों का पता लगाने के लिए भेजी गई. सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. पीआरओ ने कहा, "इंडियन एयरफोर्स के एक सुखोई-30 एयरक्राफ्ट का रडार से संपर्क टूट गया है. एयर फोर्स की टीमों को फैक्ट्स का पता लगाने और स्थिति को वेरिफाई करने के लिए भेजा गया है."
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि हमने शाम को एक फाइटर प्लेन देखा, और वह नीचे आ रहा था... हमने तेज आवाज और एक धमाका सुना... पुलिस मौके पर मौजूदा है. वे हेलीकॉप्टर से ढूंढ रहे हैं... पायलट का कोई पता नहीं है. अभी तक कुछ नहीं मिला है.
सुखोई-30 MKI एक दो-सीटर मल्टीरोल लॉन्ग-रेंज फाइटर जेट है जिसे रूसी एयरक्राफ्ट निर्माता कंपनी सुखोई ने बनाया है. अब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इसे भारतीय वायु सेना के लिए लाइसेंस के तहत बना रहा है.
भारतीय वायु सेना के पास 260 से अधिक Su-30MKI जेट का बेड़ा है. जून 2024 में महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक सुखोई फाइटर प्लेन क्रैश हो गया था. जनवरी 2023 में ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद एक और सुखोई-30 जेट क्रैश हो गया था.
राफेल के बाद सबसे शक्तिशाली फाइटर जेट
राफेल के बाद Su-30MKI भारतीय वायुसेना का सबसे शक्तिशाली फाइटर जेट है. यह एयर डिफेंस, डीप स्ट्राइक और समुद्री अभियानों में निर्णायक भूमिका निभाता है. मौजूदा समय में भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट के बेड़े में सुखोई-30MKI ही हैं.
हाईटेक बनाने की योजना
सुखोई-30 MKI को 'सुपर सुखोई' प्रोग्राम के तहत आधुनिक बनाने की तैयारी है. साल 2040 तक इनको पूरी तरह से सक्षम बनाने के लिए ऐसा करना जरूरी है. बताया जा रहा है कि 63,000 करोड़ के प्रोजेक्ट में, 84 विमानों को स्वदेशी AESA रडार, नई एवियोनिक्स, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और लंबी दूरी की मिसाइलों (जैसे ब्रह्मोस) से लैस किया जाएगा, जिससे उनकी उम्र 25-30 साल बढ़ जाएगी।
*देश की 6 राष्ट्रीय पार्टियों की इनकम 7960 करोड़; अकेले 85% हिस्सेदारी के साथ BJP सबसे अमीर, कांग्रेस दूसरे नंबर पर*
नईदिल्ली। राजनीति में चुनावी रणनीतियों के साथ आर्थिक मोर्चे की भी काफी अहमियत होती है. जिस पार्टी के पास जितना ज्यादा फंड होता है, वह उतनी ही मजबूत मानी जाती है. ये फंड चुनावी अभियान चलाने समेत कई जरूरतें पूरी करने में मदद करते हैं. दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी कमाई के मामले में सबसे आगे हैं.
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ओर से 6 राष्ट्रीय पार्टियों की इनकम-खर्च की रिपोर्ट जारी की गई है. इन सियासी दलों में भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), बहुजन समाज पार्टी (BSP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) CPI(M), आम आदमी पार्टी (AAP) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP) शामिल हैं.
भाजपा की कमाई सबसे ज्यादा : रिपोर्ट के अनुसार इन सभी पार्टियों में भाजपा की आय सबसे ज्यादा 6769.1498 करोड़ है. यह राशि अन्य 5 पार्टियों से कई गुना अधिक है. भाजपा ने अपनी आय में से 3774.582 करोड़ ही यानी करीब 55.76% खर्च किया है. इसी कड़ी में कांग्रेस ने अपनी कमाई 918.2865 करोड़ बताई है. जबकि 1111.9496 करोड़ खर्च कर दिए. यानी कुल आय से 193 करोड़ ज्यादा (21.09%) खर्च कर दिए.
सीपीआई (एम)-बीएसपी ने कमाई से ज्यादा किए खर्च : सीपीआई(एम) ने इस वित्तीय वर्ष (2024-25 के दौरान) अपनी आय 172.603 करोड़ बताई है. जबकि पार्टी ने इनमें से 173.8649 करोड़ खर्च कर दिए. पार्टी ने अपनी आय से 1.2619 करोड़ (0.73%) ज्यादा खर्च कर दिए. वहीं बीएसपी की कुल कमाई 58.5887 करोड़ रही. पार्टी ने 106.3081 करोड़ खर्च किए. यह कुल आय का 47.7194 करोड़ (81.45%) ज्यादा रहा.
आप-एनपीईपी ने कमाई से कम किया खर्च : एडीआर रिपोर्ट के अनुसार आम आदमी पार्टी की कुल आय 39.2813 करोड़ रही. इनमें से पार्टी ने 36.4639 करोड़ खर्च किए. यह कुल कमाई का 7.17% कम रहा. एनपीईपी की आय 2.1898 करोड़ रही. इसमें से 1.1983 करोड़ खर्च किए. यह खर्च कुल कमाई का 45.28% रहा. इस तरह सभी 6 पार्टियों ने कुल 7960 करोड़ की कमाई की. इसमें भाजपा ने अकेले 85% तक कमाई कर डाली.
कमाई के मामले में भाजपा पहले स्थान पर, कांग्रेस दूसरे, सीपीआई(एम) तीसरे, बीएसपी चौथे, आप पांचवें जबकि एनपीईपी छठवें स्थान पर है. सभी दलों में कांग्रेस की आय की हिस्सेदारी 11.53% है. एनपीईपी की आय सबसे कम रही. यह सभी पार्टियों की कुल आय का महज 0.028% ही है. इसी तरह सीपीआई (एम) ने 2.1%, बीएसपी ने 0.73%, आप ने 0.49% जबकि एनपीईपी का प्रतिशत महज 0.02 ही रहा.
किस पार्टी की कमाई बढ़ी, किस संगठन में गिरावट? : वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कई पार्टियों की कमाई में उछाल आया जबकि कई पार्टियों की आय में गिरावट देखी गई. भाजपा ने पिछली बार से इस बार 55.95 % ज्यादा कमाई की है. यानी 2428.67 करोड़ रुपये और जोड़े. वहीं सीपीआई(एम) की आय में भी 2.96% की बढ़ोतरी हुई. पार्टी ने पिछली बार से 4.967 करोड़ ज्यादा कमाए.
कांग्रेस की आय में पिछली बार से 25.05% की गिरावट देखी गई. इस पार्टी ने पिछली बार से 306.83 करोड़ की कम कमाई की. इसी तरह बहुजन समाज पार्टी की कमाई में भी 9.56% की गिरावट देखी गई. पार्टी ने 6.1911 करोड़ रुपये की कम कमाई की. वहीं आम आदमी पार्टी की कमाई में 73.20% उछाल आया. पार्टी के फंड में पिछली बार से 16.60 करोड़ ज्यादा आए. एनपीईपी की कमाई में 875.85% की वृद्धि देखी गई. पार्टी फंड में पिछली बार से 1.9654 करोड़ रुपये और आए. प्रतिशत के हिसाब से यह वृद्धि अन्य पार्टियों की तुलना में सबसे ज्यादा है.
पार्टियों की आमदनी का क्या रहा स्रोत? : रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों के पास कई तरीके से पैसे आए. इसमें मुख्य स्रोत चंदा रहा. वित्तीय वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय पार्टियों ने 85.08% हिस्सा यानी 6,772 करोड़ दान और स्कीम से कमाए. बाकी 14.92% हिस्सा यानी 1,187 करोड़ की कमाई दूसरे स्रोत से हुई. भाजपा को उसकी कुल इनकम का 90.48% यानी 6,124 करोड़ की कमाई दान से हुई है. आम आदमी पार्टी को अपनी कुल इनकम का 99.85% यानी 39.22 करोड़ रुपये दान से मिले.
इसी कड़ी में NPEP को अपनी कुल इनकम का 97.74% (2.14 करोड़) दान से मिले. इसके उलट BSP ने अपनी 100% इनकम दूसरे सोर्स से बताई है. दान से कोई रुपये नहीं मिले. पार्टी की पूरी कमाई बैंक ब्याज और अन्य निवेशों से होने की जानकारी दी है. दूसरी ओर कांग्रेस ने चंदे के अलावा कूपन बेचकर भी अच्छी कमाई की. इससे पार्टी को करीब 350.05 करोड़ रुपये मिले.
रिपोर्ट जमा करने में कई सियासी दलों ने की देरी : चुनाव आयोग ने सभी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों को 31 अक्टूबर 2025 तक ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए थे. इसमें कई सियासी दलों ने लापरवाही बरती. BSP, AAP और NPEP की ओर से ही समय पर रिपोर्ट पेश की गई. जबकि भाजपा ने 56 दिन, कांग्रेस ने 48 दिन और CPI (M) ने निर्धारित तिथि से 18 दिनों की देरी से रिपोर्ट चुनाव आयोग को जमा किया।
खबरें देश दुनिया से रिपोर्ट विशेष ए के सिंह वरिष्ठ पत्रकार।
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