संवाददाता ए के सिंह
मेरठ में अपनी बेटी की आबरू बचाने निकली एक माँ को गाँव के दबंगों ने सरेआम गंडासे से काट डाला और उसकी मासूम बेटी को भेड़ियों की तरह घसीटकर ले गए।
आज वह माँ अस्पताल में वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ते हुए उस सिस्टम को धिक्कार रही है, जहाँ 'बेटी बचाओ' का नारा इन दरिंदों के गंडासे के आगे ढेर हो गया।
महिला सुरक्षा के चमकीले विज्ञापनों और खोखले दावों के बीच, जब एक माँ का खून सड़कों पर बह जाए और प्रशासन मौन रहे, तो समझ लेना चाहिए कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है।
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