मदरसा फखरूल इस्लाम में दसतार बंदी का हुआ आयोजन।

                      संवाददाता, अब्दुर्रहीम शेख़।
लालगंज, आजमगढ।
मदरसा फखरूल इस्लाम katauli बुज़ुर्ग में आज कुरआन मजीद फिफ्ज करने वाले छात्रों की दस्तार बंदी हुई।
जिसकी अध्यक्षता प्रबंधक मौलाना जहीर अहमद क़ासमी ने और संचालन मुफ्ती मुहम्मद ताबिश क़ासमी ने किया।
मुख्य अतिथि मुफ्ती मुहम्मद अशरफ मुहम्मद पूरी ने कहा कि कुरआन की बुलंदी और उसकी शान बहुत उच्च है, जिसके बारे में अल्लाह ने फरमाया कि अगर उसको पहाड़ पर नाजिल करता तो पहाड़ उसके बोझ को सहन नहीं कर सकता इस लिए कुरआन मजीद को नाजिल करने से पहले आखरी नबी हज़रत मुहम्मद साहब के सीने को चाक कर के उस काबिल बनाया गया कि आप का सीना कुरआन मजीद के बोझ को सहन सके। आज इन छात्रों ने कुरआन करीम को अपने सीने में महफूज़ कर लिया है।
इस अवसर पर हाजी फजलुर्रहमान , हाफिज रईस, हाफिज अबू साद, हाफिज तौकीर, हाफिज असलम, मौलाना अयाज़, मौलाना दानिश, जावेद अफज़ल, ज़ैद नेता, समेत गांव के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।
प्रोग्राम का समापन मुफ्ती मुहम्मद अशरफ मुहम्मद पूरी की दुआ पर हुआ ।

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